
बिच्छू डॉट कॉम। राज्य सरकार ने कार्यभारित और आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारियों के वेतन निर्धारण में हुई गड़बडिय़ों को सुधारने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। कई विभागों में नियमों के विपरीत कर्मचारियों को उच्चतर वेतनमान दिए जाने से वित्तीय विसंगतियां सामने आई हैं। वित्त विभाग ने लोक निर्माण, जल संसाधन पीएचई, एनवीडीए और स्कूल शिक्षा विभाग को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। समीक्षा में पाया गया कि कई मामलों में वेतनमान का अनुमोदन ज्वाइंट डायरेक्टर ट्रेजरी एंड अकाउंट से समय पर नहीं कराया गया। बाद में विवाद अदालतों तक पहुंचे और कानूनी प्रक्रियाओं के कारण कई फैसले कर्मचारियों के पक्ष में आए। सभी विभागाध्यक्ष (एचओडी) सेवा नियमों के अनुरूप ही वेतनमान तय करें। किसी भी संदेहास्पद स्थिति में ज्वाइंट डायरेक्टर ट्रेजरी एंड अकाउंट से पूर्व अनुमति लेना जरूरी होगा। अगले 6 महीनों में रिटायर होने वाले कर्मचारियों का सर्विस रिकार्ड और वेतन निर्धारण की जांच कर ली जाए।
