
बिच्छू डॉट कॉम। मां शिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त रखने और उज्जैन शहर से निकलने वाले सीवेज जल के वैज्ञानिक शोधन के लिए नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत महत्वपूर्ण कार्यों को गति मिली है। नगरीय विकास एवं आवास के आयुक्त संकेत भोंडवे ने बताया कि योजना के तहत उज्जैन शहर के भैरूगढ़ एवं पीलियाखाल नालों को इंटरसेप्ट एवं टेप कर उनके सीवेज जल का उपचार किया जाएगा। इसके लिए 24.30 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता के आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना की लागत लगभग 81 करोड़ रुपए है। परियोजना पूर्ण होने के बाद शहर से निकलने वाले अपशिष्ट जल का वैज्ञानिक तरीके से शोधन किया जाएगा, जिससे मां क्षिप्रा नदी में प्रदूषित जल के प्रवाह को प्रभावी रूप से रोका जा सकेगा। आयुक्त भोंडवे ने बताया कि परियोजना के माध्यम से नदी के जल की गुणवत्ता में सुधार, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा तथा उज्जैन शहर की स्वच्छता एवं जनस्वास्थ्य में सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित होगा। साथ ही यह पहल धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व की मां क्षिप्रा नदी के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
