चार राप्रसे अफसरों का अगस्त 2025 में किया गया था तबादला तत्काल जॉइनिंग के निर्देश

  • अब एकतरफा कार्यमुक्त

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मप्र सरकार ने करीब 10 महीने पहले जारी तबादला आदेशों का पालन नहीं करने वाले राज्य प्रशासनिक सेवा के 4 अधिकारियों को उनकी वर्तमान पदस्थापना से एकपक्षीय कार्यमुक्त (रिलीव) कर दिया है। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संबंधित अधिकारी तत्काल अपनी नई पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें और उपस्थिति प्रतिवेदन सामान्य प्रशासन विभाग (कार्मिक) को भेजना सुनिश्चित करें। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह कार्रवाई उन अधिकारियों पर की गई है, जिनका स्थानांतरण अगस्त 2025 में किया गया था, लेकिन उन्होंने अब तक नई पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया। विभाग ने इसे प्रशासनिक आदेशों की अनुपालना से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए उन्हें एकपक्षीय कार्यमुक्त कर दिया है।
इन अधिकारियों पर की गई कार्रवाई
कार्रवाई की जद में आए अधिकारियों में सोहन कनाश शामिल हैं, जो संयुक्त कलेक्टर के रूप में बड़वानी जिले में पदस्थ थे। उनका स्थानांतरण अलीराजपुर में अपर कलेक्टर पद पर किया गया था, लेकिन उन्होंने नई जगह कार्यभार ग्रहण नहीं किया। सागर जिले में डिप्टी कलेक्टर के पद पर कार्यरत विजय कुमार डेहरिया का तबादला छतरपुर किया गया था। संतोष मुदगल, जो रायसेन जिले में प्रभारी डिप्टी कलेक्टर के रूप में पदस्थ थे, उन्हें भोपाल में सामाजिक न्याय विभाग में प्रभारी उप संचालक पद पर पदस्थ किया गया था। ऐसे ही प्रभारी डिप्टी कलेक्टर रीवा राकेश कुमार चौरसिया का तबादला कटनी जिले में किया गया था, लेकिन उन्होंने नए कार्यस्थल पर जॉइनिंग नहीं दी। अब शासन ने उन्हें भी वर्तमान पदस्थापना से एकपक्षीय रूप से कार्यमुक्त कर तत्काल नई जगह जॉइन करने के निर्देश दिए हैं।
शासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
आमतौर पर तबादला आदेश जारी होने के बाद अधिकारी नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण कर लेते हैं, लेकिन लंबे समय तक आदेश लंबित रहने और पालन नहीं होने की स्थिति में सरकार ने अब सख्त रुख अपनाया है। हालांकि शासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं कि दस महीने तक इन अधिकारियों द्वारा नए कार्यस्थल पर जॉइनिंग नहीं देने के बाद भी सरकार ने उन्हें एकतरफा कार्यमुक्त करने में इतना समय क्यों लगा दिया?

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