प्रदेश में चंबल और मालवा के बाद अब जल्द ही बुंदेलखंड की धरती पर चीते आबाद होंगे। सागर-दमोह के बीच नौरादेही के जंगल वाले वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (वीडीटीआर) में मैं चीतों के बसाने की सभी मैदानों और प्रशासनिक तैयारियां पूरी हो गई। यहां के परिवेश में चीतों को ढलने और उनकी निगरानी के लिए रिजर्व के मोहली रेंज में 440 हेक्टेयर का एक विशाल सॉफ्ट रिलीज बाड़ा (बोमा) तैयार किया गया है। यह बोमा लगभग इतना बड़ा है, जितना भोपाल का वन विहार नेशनल पार्क का क्षेत्रफल (445 हेक्टेयर) है। सुरक्षा के दृष्टि से पूरे बोमा क्षेत्र को सोलर इलेक्ट्रिक फेंसिंग, क्लोज-सर्किट कैमरों और गश्ती वॉच टावरों से कवर किया गया है। अब यहां सिर्फ कूनो नेशनल पार्क से चीतों के नए कुनबे को शिफ्ट किए जाने का इंतजार है। भारत में चीता प्रोजेक्ट की चौथी वर्षगांठ पर गुरुवार को वन विहार में आयोजित चीता चौपाल कार्यक्रम में आए वीडीटीआर के डीएफओ रजनीश सिंह और उनकी टीम ने प्रजेंटेशन देकर इसकी जानकारी दी।
