क्या 6-7 लोगों की कमेटी ही मप्र का भविष्य तय करेगी?

विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बुधवार को पत्रकारों से चर्चा में मप्र सरकार को कई मुद्दों पर घेरा और गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने महिला आरक्षण और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर कहा कि महिला आरक्षण पर एक ओर सरकार 2029 के सपने दिखा रही है, वहीं दूसरी ओर बंद कमरों में निर्णय लिए जा रहे हैं। सिंघार ने यूसीसी को लेकर सवाल किया कि क्या केवल 6-7 लोगों की कमेटी मप्र का भविष्य तय करेगी? क्या भाजपा सरकार के लिए जनता की राय कोई मायने नहीं रखती? नेता प्रतिपक्ष ने ओबीसी आरक्षण पर कहा कि प्रदेश में 50 प्रतिशत से अधिक आबादी के बावजूद सरकार उन्हें अधिकार देने में हिचकिचा रही है। विधायक निर्मला सप्रे के मामले में कहा कि यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है और उन्हें विश्वास है कि न्यायालय इस पर जल्द निर्णय देगा। किसानों की समस्याओं को उठाते हुए उन्होंने कहा कि गेहूं खरीदी को लेकर प्रदेश में सर्वर डाउन, स्लॉट गायब और अव्यवस्थाओं के कारण किसान परेशान हैं। पहले मंडियों में पर्ची कटते ही तुलाई हो जाती थी, लेकिन अब इंटरनेट व्यवस्था के कारण किसानों का हक अटक गया है।

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