सोयाबीन बनेगा किसानों की समृद्धि और औद्योगिक विकास का आधार

समृद्धि और औद्योगिक विकास का आधार

बिच्छू डॉट कॉम। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश का सोयाबीन खेतों से निकलकर दुनिया के बाजारों में अपनी पहचान बना रहा है। इससे किसानों की आय बढऩे के साथ प्रदेश के उद्योगों को भी गति मिल रही है। राज्य सरकार किसानों को खाद, बीज, बिजली और पानी की बेहतर सुविधाएं देने के साथ उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि देश में सोयाबीन की कुल खेती के 45 प्रतिशत क्षेत्र में मध्यप्रदेश में उत्पादन होता है। देश के कुल सोयाबीन उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी 35 प्रतिशत से अधिक है। यहां 50 से ज्यादा जिलों में सोयाबीन की खेती की जाती है। खाद्य तेल और प्रोटीन उत्पादों के निर्माण में भी यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार ने अक्टूबर 2025 में सोयाबीन भावांतर योजना शुरू की थी। पिछले वर्ष लगभग 7 लाख 17 हजार किसानों के खातों में 1,475 करोड़ रुपये की भावांतर राशि अंतरित की गई।

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