सनातन धर्म प्रेम-सद्भाव का संदेश देता है, आरएसएस नफरत फैलाती है: सिंह

दिग्विजय सिंह

बिच्छू डॉट कॉम। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि सनातन धर्म का मूल उद्देश्य प्रेम, सत्य, सद्भाव, करुणा और दया है, जबकि धर्मांधता नफरत और कटुता फैलाती है। वे शाजापुर में सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के छठवें दिन प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वे सनातन धर्म के समर्थक हैं, लेकिन हिंदुत्व की राजनीतिक अवधारणा से सहमत नहीं हैं। उनके अनुसार, हिंदुत्व को सावरकर ने राजनीतिक विचारधारा के रूप में प्रस्तुत किया था। दिग्विजय ने महात्मा गांधी की हत्या का उल्लेख करते हुए इसके पीछे नफरत की विचारधारा को जिम्मेदार बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में निष्पक्ष नहीं रहा और नोट चोरी, वोट चोरी के आरोप लगाए। राम मंदिर ट्रस्ट पर सवाल उठाते हुए उन्होंने चंदे तथा सोने-चांदी की ईंटों का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की।

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