
बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को केंद्रीकृत निगरानी से जोडऩे की तैयारी है। मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमपीवाईपीआईएल) के भोपाल स्थित स्मार्ट सिटी परिसर मुख्यालय में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया जा रहा है। यहां करीब 150 अधिकारियों-कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी। सेंटर से सात क्षेत्रीय कंपनियों के जरिए संचालित बसों की निगरानी, यात्री सुरक्षा और संचालन पर नियंत्रण रखा जाएगा। सरकार ने वर्ष 2030-31 तक प्रदेश में करीब 15 हजार बसें चलाने का लक्ष्य रखा है। सिटी, इंटरसिटी और इंटरस्टेट बस सेवाएं इसी व्यवस्था के तहत संचालित होंगी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में क्षेत्रीय कंपनियों के कार्यालय स्थापित या विस्तारित किए जा रहे हैं। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड का कार्यालय आईएसबीटी में विकसित हो रहा है। यहां से भोपाल सहित नर्मदापुरम, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, हरदा और बैतूल की बसों की निगरानी होगी। इंदौर और उज्जैन के कार्यालय जनवरी 2027 तक तैयार होने की संभावना है। इंदौर से सात और उज्जैन से छह जिलों की बसों का संचालन नियंत्रित किया जाएगा। जबलपुर कार्यालय में 150 कर्मचारियों की व्यवस्था होगी और आठ जिलों की बसों पर नजर रखी जाएगी।
