
बिच्छू डॉट कॉम। ट्विशा शर्मा मौत मामले में सेंट्रल जेल भोपाल में बंद रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह अपने खिलाफ पेश किए गए अभियोग पत्र (चालान) के अध्ययन में डूबी हैं। हर पन्ने की एक-एक लाइन को पढते हुए विचारमग्न रहती हैं। वहीं, उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई 8 अक्टूबर को हाईकोर्ट जबलपुर में होनी है। दरअसल रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह के खिलाफ सीबीआई ने दहेज हत्या का आरोप हटाते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसके बाद चालान की कापी स्वयं रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह ने ली और उसे ही पढ़ रही हैं। इस दौरान कई पेज मोड़ दिए हैं तो कई बयानों और पंचनामा को कई-कई बार पढ़ती हैं। इस दौरान उनके साथ बैरक में 20 अन्य महिला कैदी हैं, उनसे भी बात नहीं करती। गिरीबाला सिंह के परिवार ने जेल केंटीन में पैसे जमा करवाए हैं, जिसके बदले कभी कभार सादे स्नैक्स गिरीबाला सिंह मंगवा लेती हैं। बेटे समर्थ को जेल में राखी बांधने आई थी।
