नेता प्रतिपक्ष ने भागीरथपुरा त्रासदी की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भागीरथपुरा त्रासदी

बिच्छू डॉट कॉम। भागीरथपुरा दूषित पेयजल त्रासदी में 36 मौतों के बाद भी जवाबदेही तय नहीं होने को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने शुक्रवार को रेसीडेंसी में सरकार और नगर निगम पर सवाल उठाए। उन्होंने न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई और प्रभावित परिवारों को राहत देने की मांग की। सिंघार ने आरोप लगाया कि पाइपलाइन बदलने की प्रक्रिया में हुई देरी गंभीर सवाल खड़े करती है। संबंधित फाइल 66 दिन महापौर के पास, मंजूरी के स्तर पर 63 दिन और निविदा प्रक्रिया में 49 दिन तक चली। एक परियोजना में प्रस्ताव से काम पूरा होने तक 859 दिन लगने का भी उन्होंने हवाला दिया। आयोग की सार्वजनिक रिपोर्ट में 36 मौतों की जांच का उल्लेख है। इनमें 22 मौतों को दूषित पानी से संभावित रूप से जुड़ा माना गया है। रिपोर्ट में त्रासदी को किसी एक तत्काल घटना के बजाय वर्षों से चली आ रही तकनीकी, प्रशासनिक और निगरानी संबंधी कमियों के संयुक्त प्रभाव से जुड़ा बताया गया है। कई स्थानों पर पेयजल और सीवरेज लाइनें बेहद करीब, समानांतर या एक-दूसरे को पार करती मिलीं।

Related Articles