ब्राह्मणों पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में आईएएस संतोष वर्मा के खिलाफ जनहित याचिका मप्र हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डिवीजन बेंच ने कहा है कि इस मामले में एफआईआर पहले ही दर्ज हो चुकी है, ऐसे में कोर्ट आगे कोई निर्देश नहीं दे सकता। बेंच ने यह भी कहा कि राजनीतिक या नीतिगत फैसले तय करना न्यायपालिका का काम नहीं है। इस मामले में कानून अपना काम खुद करेगा। जबलपुर के अधिवक्ता अभिषेक दुबे की जनहित याचिका में कहा गया है कि 23 नवंबर 2025 को अजाक्स का प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद आईएएस संतोष वर्मा ने ब्राह्मण समुदाय को लेकर एक अत्यंत विवादित और जाति-केंद्रित टिप्पणी की थी। याचिका में इस बात का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि एक आईएएस के भडक़ाऊ बयान से पूरे देश के ब्राह्मण समाज में गहरा आक्रोश, अपमान और नाराजगी छा गई थी। ऐसे में एफआईआर और एनएसए जैयर सख्त कार्रवाई की जाए।
