
डिंडौरी जिले के बजाग तहसील में दो किसानों की निजी जमीन पर बिना अधिग्रहण और मुआवजा दिए सडक़ निर्माण के मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और राजस्व विभाग को कड़ी फटकार लगाई है। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनीन्द्र कुमार सिंह की डिवीजन बेंच ने कहा कि मामले में प्रथम दृष्टया राज्य सरकार की बौद्धिक बेईमानी नजर आ रही है। कोर्ट ने डिंडौरी कलेक्टर को 14 अगस्त तक व्यक्तिगत हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी। यह मामला बजाग तहसील के ग्राम मोहतरा निवासी अंबिका प्रसाद तिवारी और उनके पुत्र जितेन्द्र तिवारी की याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि उनकी खसरा नंबर 1181 (रकबा 1.410 हेक्टेयर) और 1106 (रकबा 0.11 हेक्टेयर) की निजी भूमि पर अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी किए बिना और मुआवजा दिए बिना नेशनल हाईवे के लिए सडक़ बना दी गई। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता धर्मेश चतुर्वेदी ने कहा कि एसडीएम बजाग और नायब तहसीलदार की ओर से पेश रिपोर्ट कूटरचित और फर्जी है।
