वनकर्मियों पर हमलों की घटनाएं कम नहीं हो रही हैं। मप्र वन कर्मचारी मंच का दावा है कि बीते छह माह में वन अपराधियों ने 100 से अधिक हमलों की घटनाएं की हैं। पिछले साढ़े तीन वर्षों में हमलों में 9 वनकर्मियों की जानें जा चुकी हैं। वन मुख्यालय ने सुरक्षा को को देखते हुए पहले से स्वीकृत दो एसएएफ बटालियनों की वापसी और दो अतिरिक्त बटालियन स्थायी रूप से उपलब्ध कराने की मांग की है। बरसात के मौसम में अतिक्रमण की घटनाएं सबसे अधिक होती हैं। जिन वन भूमियों को अतिक्रमण से मुक्त कराता है, उन पर दोबारा कब्जे की कोशिशें रोकने के दौरान माफिया और स्थानीय लोग हिंसक हो जाते हैं। अवैध कटाई, अतिक्रमण, अवैध परिवहन और अवैध उत्खनन। पिछले वर्ष की समान अवधि में मामलों में कमी आई है।
30/06/2026
0
7
Less than a minute
You can share this post!
