हाईकोर्ट की सख्ती… ईएसबी से सवाल- टीईटी 2024 में अंतिम वर्ष की बाध्यता क्यों?

मप्र हाईकोर्ट ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2024 की नियम पुस्तिका के एक प्रावधान को चुनौती देने वाली याचिका पर कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार और कर्मचारी चयन आयोग से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने अगली सुनवाई तक जवाब देने को कहा है। इसके साथ ही, याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत प्रदान करते हुए आदेश दिया है कि उन्हें विज्ञापन की इस शर्त के आधार पर अयोग्य घोषित न किया जाए। यह पूरी व्यवस्था याचिका के अंतिम आदेश के अधीन रहेगी। मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को नियत की गई है। परमानंद गुजराती एवं अन्य ने याचिका में टीईटी-2024 के विज्ञापन की उस शर्त को चुनौती दी गई है, जिसके तहत केवल शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स के अंतिम वर्ष में अध्ययनरत अभ्यर्थियों को ही परीक्षा के लिए पात्र माना था। इसे एनसीटीई के निर्देशों का उल्लंघन बताया है।


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