
बिच्छू डॉट कॉम। मंत्रिपरिषद की बैठक के दौरान डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों से कहा कि तबादला की प्रक्रिया नीति के अनुसार 15 जून तक पूरी करें। इसके बाद तबादले नहीं हो पाएंगे। विशेष परिस्थिति में तबादले सिर्फ समन्वय से ही हो पाएंगे। खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने क्षेत्र की स्थिति बताते कहा कि तबादले को लेकर स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों का भारी दबाव है। तबादले को लोगों की भीड़ लगी रहती है। इसने कम समय में आवेदनों का सत्यापन और निराकरण होना मुश्किल हो रहा है। इसके लिए समय सीमा बढ़ानी पड़ेगी। सीएम ने कहा कि जो समय सीमा तय की गई है, वह प्रशासनिक व्यवस्थाओं को देखते हुए की गई है, इसी दायरे में काम करें। सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से व्यवस्थित करना है। खरीफ सीजन की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रत्येक जिले में उर्वरक वितरण की निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति का निर्णय लिया है। इसके साथ ही संबंधित क्षेत्रों के विधायक और मंत्री भी समन्वय की भूमिका निभाएंगे जिससे किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जा सके और किसी प्रकार की कमी या अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। राज्य सरकार ने आगामी कृषि सीजन को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारियां शुरू करने का निर्णय लिया है। उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और कृषि से जुड़ी अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी।
