चावल घोटाले की जांच हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीआई करे

चावल घोटाले

पूर्व सांसद कंकर मुजारे ने बालाघाट में एथेनॉल प्लांट के नाम पर हुए चावल घोटाले मामले की जांच कर रही एसआईटी जांच पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस मामले की जांच हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीआई से कराने की मांग की। मुंजारे ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस ने इस मामले में अब तक 5 आरोपियों पर केस दर्ज किया है, जिनमें से 3 को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्य आरोपी मिल मालिक गंभीर संचेती और उनका बेटा सौरभ संचेती अब भी फरार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एथेनॉल प्लांट के नाम पर घोटाला किया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि इस खेल में बीजेपी नेताओं और राइस मिल मालिकों की मिलीभगत है। पूर्व सांसद ने इसे सबसे बड़ा घोटाला बताते हुए कहा कि लगभग 100 ट्रक चावल का गबन किया गया है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को सुस्त बताया और डर जताया कि इस जांच को दबाया जा सकता है। मुंजारे का कहना है कि जब पुलिस के पास जब्त किए गए ट्रकों के नंबर हैं, तो वह आसानी से असली मालिकों का पता लगा सकती है, लेकिन ऐसा किया नहीं जा रहा है।


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