कागजी दिखावे पर ब्रेक… 50% खर्च नहीं तो काम पूरा नहीं माना जाएगा

कागजी दिखावे

मप्र में 50 दिन पहले शुरू हुए जल गंगा संवर्धन अभियान के लिए सरकार ने नया नियम लागू किया है। नियम यह है कि जिन कामों पर 50 प्रतिशत से कम खर्च हुआ है, उन्हें अब कंप्लीटेड या फिजिकल कंप्लीटेड की गित्ली में शामिल नहीं किया जाएगा। यानी क्रेवल कागजों में पूरा दिखाने से काम नहीं चलेगा। सरकार ने गुड़ी पड़वा से अभियान की शुरुआत की थी और कुल 2.43 लाख का लक्ष्य रखा था। इसमें से अब तक 1.71 लाख कार्य पूर्ण या फिजिकल पूर्ण बताए गए हैं। लेकिन, नए नियम से इन सभी कामों का दोबारा वेरिफिकेशन होगा। बता दें कि अभियान के लिए 6222 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं, जिनमें से 4431 करोड़ रुपए की राशि बुक हो चुकी है। सरकार अब जियो टैगिंग, खर्च, वैल्यूएशन और ग्राउंड प्रोग्रेस के आधार पर जिलों की रैंकिंग भी तय कर रही है और काम का मूल्यांकन भी। हर दिन के काम की लाइव मॉनिटरिंग भोपाल मुख्यालय से की जा रही है। इसमें फार्म पॉन्ड, डगवेल रिचार्ज, जल संरक्षण जैसे 7 प्रमुख श्रेणी के काम शामिल हैं। सबसे ज्यादा प्रगति डगवेल रिचार्ज कार्यों में दिखाई गई है, जहां 82.6 प्रतिशत काम पूरे बताए गए हैं।

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