
बिच्छू डॉट कॉम। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने गुरुवार को राजधानी के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में व्याप्त अकादमिक, प्रशासनिक और आर्थिक अनियमितताओं के आरोपों के विरोध में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है। परिषद ने विवि के कुलगुरू के इस्तीफे तथा विवि में धारा 52 लागू कर शासन द्वारा नियंत्रण अपने हाथ में लेने की मांग की है। एबीवीपी का आरोप है कि विवि में एमबीए प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर सहित अनेक स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के परीक्षा परिणाम महीनों से लंबित हैं। पुनर्मूल्यांकन के परिणाम भी एक वर्ष से अधिक समय से घोषित नहीं किए गए हैं, जिससे विद्यार्थियों का शैक्षणिक एवं व्यावसायिक भविष्य प्रभावित हो रहा है। विवि का अकादमिक कैलेंडर वर्षों से अस्त-व्यस्त है तथा पीएचडी प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन भी लंबे समय से नहीं किया गया है। एबीवीपी के प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी ने कहा कि विवि वर्तमान में 34 नियमित शिक्षकों है। कई विभागों में शिक्षकों के पद खाली हैं। हाल ही में 31 शिक्षकों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी।
