
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
नए वक्फ कानून के बाद राजधानी में वक्फ प्रॉपर्टी के वेरिफिकेशन का काम जारी है। प्रदेश में 23 हजार 118 प्रॉपर्टी का वेरिफिकेशन किया जाना है, जबकि राजधानी में अब तक 89 प्रॉपर्टी का वेरिफिकेशन कर लिया गया है। हालांकि 74 प्रॉपर्टी का वेरिफिकेशन अब तक पेंडिंग है। बैरागढ़ और शहर एसडीएम को इन प्रॉपर्टी का वेरिफिकेशन जल्द पूरा करने की हिदायत दी गई है। मप्र वक्फ बोर्ड की प्रदेश में 23 हजार 118 प्रॉपर्टी हैं। इसमें मकान, दुकान और दूसरी सार्वजनिक व कारोबारी इमारतें शामिल हैं। इनको प्रबंधन वक्फ बोर्ड करता है और इससे मिली आय को जमा करने की जिम्मेदारी भी उसी की है। किरायेदारी वसूलने के लिए बोर्ड ने जिला कमेटियों का गठन किया है। एडीएम सुमित पांडे का कहना है कि जिले में वक्फ प्रॉपर्टी के वेरिफिकेशन का काम जारी है। 74 प्रॉपर्टी का वेरिफिकेशन शेष है, जिसे कराया जा रहा है।
किराया संशोधन न होने से करोड़ों का नुकसान
वक्फ प्रबंधन समिति के दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि भोपाल में 3 हजार 887 आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों का मासिक किराया मात्र दो रुपए तक वसूला जा रहा था। दिसंबर 2020 में समिति ने बोर्ड को सूचित किया कि पट्टा नियम 2020 के अनुसार वसूल योग्य किराए और वास्तविक किराए में लगभग 1 करोड़ 35 लाख रुपए प्रतिमाह का अंतर है। आधी रात में वक्फ बोर्ड की फाइल चली, हाईकोर्ट ने पूछा- इतनी जल्दी क्यों मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन को लेकर दायर याचिका ने सरकारी प्रक्रिया की समय सारिणी पर ही सवाल खड़ा कर दिया है।
