घर से भागी बहनों को अंकल-आंटी ने 40-40 हजार में बेचा

भोपाल रेलवे स्टेशन
  • एक को गुना, दूसरी को शिवपुरी भेजा, सालभर तक शोषण
    भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मां की डांट से नाराज होकर नानी के घर के लिए घर से निकलीं दो नाबालिग बहनों को भोपाल रेलवे स्टेशन पर मिले अंकल-आंटी ने ऐसा भरोसे में लिया कि दोनों उनकी बातों में आ गईं। उन्हें क्या पता था कि जिन पर वे भरोसा कर रही हैं, वह मानव तस्कर हैं और उन्हें बेचने वाले हैं। मानव तस्करों ने रातों-रात दोनों बहनों की तस्वीरें भेजकर सौदा तय कर दिया। इसके बाद एक बहन को गुना और दूसरी को शिवपुरी में करीब 40-40 हजार रुपए में बेच दिया गया। दोनों बहनें करीब सालभर तक अलग-अलग लोगों के चंगुल में फंसी रहीं और उनका शारीरिक शोषण होता रहा। बड़ी बहन गर्भवती हुई तो उसे मौका मिला और वह भाग निकली। दूसरी बहन ने अपने एक दोस्त को फोन कर पूरी आपबीती सुनाई। यही फोन कॉल पुलिस के लिए सबसे अहम सुराग बन गई। हनुमानगंज पुलिस ने एक मोबाइल नंबर से पूरी ट्रेल तैयार की और एक-एक कड़ी जोड़ते हुए आरोपियों तक पहुंच गई। पुलिस ने महिला समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक आरोपी अभी फरार है।
    नानी के घर जाने निकली थीं
    पुलिस के मुताबिक घटना जनवरी 2025 की है। हनुमानगंज क्षेत्र में रहने वाली 14 और 16 साल की दोनों बहनें मां की डांट से नाराज होकर घर से निकल गई थीं। उनका इरादा नानी के घर जाने का था। दोनों भोपाल रेलवे स्टेशन पहुंचीं। यहां उनकी मुलाकात एक महिला और पुरुष से हुई, जोकि पति-पत्नी थे। दोनों ने नाबालिग बहनों से बातचीत की और अपनेपन का भरोसा दिलाकर उन्हें कार में अपने साथ बिलखिरिया के पास स्थित खरवई के जंगल में ले गए।
    फोटो भेजकर तय किया सौदा
    हनुमानगंज थाना प्रभारी अवधेश सिंह भदौरिया ने बताया कि आरोपियों ने उसी रात दोनों बहनों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर संभावित 8-10 खरीदारों को भेजीं। इसके बाद अलग-अलग खरीदारों से संपर्क किया गया और सौदा तय हुआ। पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों नाबालिगों को अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर करीब 40-40 हजार रुपए में बेच दिया गया। एक को गुना और दूसरी को शिवपुरी पहुंचाया गया। हेमराज (महिला), रमेश, विनोद प्रजापति, रितिक, उसका पिता बल्ला नाथ। मामले में पुलिस को आरोपी शिवम की तलाश है। पुलिस ने मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज कीं। फिलहाल पांचों आरोपी जेल में हैं। पुलिस फरार आरोपी शिवम की तलाश के साथ यह भी पता लगा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या आरोपियों ने इससे पहले भी इसी तरह नाबालिगों को निशाना बनाया है।
    एक साल तक नहीं निकल पाईं चंगुल से
    दोनों बहनों को अलग-अलग जगहों पर रखने के दौरान उनका लगातार शारीरिक शोषण किया गया। बड़ी बहन के गर्भवती होने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई। मौका मिलते ही वह आरोपियों के चंगुल से निकलकर भाग गई। वह प्रयागराज पहुंची, इसके बाद भोपाल आई। वहीं छोटी बहन अभी आरोपियों के कब्जे में थी। उसने अपने दोस्त से फोन पर संपर्क किया और पूरी कहानी बताई। दोस्त से मिली जानकारी पुलिस तक पहुंची तो जांच शुरू हुई।
    एक नंबर से पुलिस ने जोड़ी आरोपियों की कडिय़ां: हनुमानगंज पुलिस ने मामले की जांच में सामने आए एक मोबाइल नंबर को आधार बनाया। कॉल डिटेल और नंबर से जुड़े संपर्कों की पड़ताल करते हुए पुलिस ने आरोपियों की कडिय़ां जोडऩी शुरू कीं। एक नंबर से दूसरे नंबर और फिर आरोपियों तक पहुंचते हुए पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी। जांच के बाद महिला समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

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