
- खनिज विभाग में कर्मचारियों का टोटा
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। जिले में खनिज विभाग का अमला घटता जा रहा है, जबकि निगरानी का दायरा बढ़ा हुआ है। हालत यह है कि सेवानिवृत्ति के बाद कार्यालय में महज पांच कर्मचारी ही बचे हैं और इन्हीं के भरोसे पूरा कामकाज चल रहा है। फंदा और बैरसिया क्षेत्र में करीब 115 खदानों की निगरानी की जिम्मेदारी विभाग परं है, लेकिन दोनों क्षेत्रों के लिए जरूरी दो असिस्टेंट खनिज अधिकारियों में से सिर्फ एक ही पदस्थ है। ऐसे में इतने बड़े क्षेत्र की निगरानी कैसे हो रही है, यह सवाल खड़ा हो गया है। मैदानी कार्रवाई के लिए जिलें में खनिज निरीक्षक के चार पद स्वीकृत हैं, लेकिन चारों ही लंबे समय से खाली पड़े हैं। मानचित्रकार का एक पद भी रिक्त है। तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों की कमी के चलते कार्यालयीन काम भी प्रभावित हो रहा है। अधिकारी-कर्मचारियों का टोटा होने से खदानों के नियमित निरीक्षण से लेकर अवैध खनन की शिकायतों पर मौके पर पहुंचकर कार्रवाई तक मुश्किल हो रही है। जिला खनिज अधिकारी रावत का कहना है कि विभाग में कर्मचारियों की कमी है। इससे कार्यालयीन कामकाज प्रभावित हो रहा है। साथ ही मैदानी स्तर पर निरीक्षण और कार्रवाई करने में भी परेशानी आ रही है।
दबिश में सुरक्षा का भी संकट
अवैध खनन या परिवहन के खिलाफ कार्रवाई के लिए अधिकारी-कर्मचारियों को सुरक्षा की भी जरूरत होती है। विभाग के मुताबिक निरीक्षण और दबिश के दौरान कम से कम 14 जवानों की आवश्यकता है, लेकिन उपलब्ध सिर्फ दो जवान हैं। ऐसे में सीमित अमले और सुरक्षा बल के बीच विभाग के सामने कार्रवाई को लेकर बड़ी चुनौती बनी हुई है।
