
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में आरोपी पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिला एवं सत्र प्रधान न्यायाधीश मनोज कुमार श्रीवास्तव ने मामले को अपर सत्र न्यायाधीश पल्लवी द्विवेदी की अदालत में ट्रांसफर कर दिया है। खास बात यह है कि इसी अदालत से गिरिबाला सिंह को ट्विशा की मौत के दूसरे दिन अग्रिम जमानत मिली थी। हालांकि, बाद में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने उस जमानत आदेश को रद्द कर दिया था। दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए 16 सितंबर 2026 को सुनवाई होगी। सीबीआई की चार्जशीट में पोस्टमार्टम रिपोर्ट को भी शामिल किया गया है। चार्जशीट के मुताबिक, एम्स दिल्ली की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा के शरीर पर गंभीर चोट के निशान नहीं मिले। वहीं, इससे पहले एम्स भोपाल की शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत से पहले शरीर पर छह चोटों के निशान दर्ज किए गए थे।
पहले भी जमानत को लेकर बदली थीं अदालतें: गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी के बाद उनकी नियमित जमानत अर्जी पर भोपाल जिला अदालत में लगातार तीन दिनों तक सुनवाई नहीं हो सकी थी। बताया गया कि मामला अलग-अलग अदालतों में भेजे जाने के बाद संबंधित न्यायाधीशों ने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था।
17 अगस्त को सीबीआई ने दाखिल की थी चार्जशीट
सीबीआई ने 17 अगस्त को गिरिबाला सिंह और ट्विशा के पति समर्थ सिंह के खिलाफ भोपाल की विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। दोनों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है। यह अपराध सत्र न्यायालय में विचारणीय होने के कारण केस की फाइल जिला एवं सत्र प्रधान न्यायाधीश के पास भेजी गई। इसके बाद मामले को अपर सत्र न्यायाधीश पल्लवी द्विवेदी की अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया।
