भोपाल में 7 प्रतिष्ठान सील, 109 ने खुद बंद किए

प्रतिष्ठान सील
  • राजधानी में सीलिंग की कार्रवाई, अरेरा कॉलोनी में हंगामा…
    भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। भोपाल के रहवासी इलाकों में कमर्शियल एक्टिविटी करने पर सुबह 9 बजे से सीलिंग की कार्रवाई शुरू हो गई, जो शाम तक चली। इस दौरान पुलिस की मौजूदगी में 7 प्रतिष्ठान सील कर दिए गए, जबकि 109 दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद किए। वहीं निगम की दी हुई मोहलत भी खत्म हो चुकी है। अब नोटिस देकर कार्रवाई की जाएगी। रचना नगर में जूंबा डांस हाउस को सील कर दिया गया। यही पर ग्लॉस लॉन सिस्टम गोडाउन, होटल एंड गुड फूड, अरेरा कॉलोनी स्थित कुनबी समाज कॉम्पलेक्स, कोलार रोड स्थित राधिका पैलेस होटल को बलपूर्वक सील किया गया। सोमवार को कोलार रोड, अरेरा कॉलोनी, सुभाषनगर, मिसरोद, रचना नगर, गौतम नगर समेत कई इलाकों में कार्रवाई हुई। कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) के सामने नोटरी, वकील के चैंबर हटाए गए। कई जगहों पर अवैध निर्माण हुआ था। इसके चलते कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान अरेरा कॉलोनी में हंगामे की स्थिति बन गई। आर्य समाज के मंदिर के पास जब टीम कार्रवाई करने पहुंची तो दुकानदारों ने हंगामा कर दिया। एक बिल्डिंग के ग्राउंड और फस्र्ट फ्लोर के दुकानदारों का कहना था कि नगर निगम सिर्फ हमारी दुकानें ही बंद करा रहा है। इसके अलावा भी दुकानें हैं, लेकिन वहां कोई कार्रवाई नहीं की गई। विरोध के चलते निगम अमला आगे बढ़ गया। अधिकारी कुछ भी कहने से बचते हुए नजर आए। 10 नंबर मार्केट व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष आनंद सोनी ने कहा कि यह कार्रवाई गलत है। व्यापारी गलत नहीं है। सरकार की कमी की वजह से ऐसा हो रहा है। यदि सरकार समय पर भोपाल का मास्टर प्लान लेकर आती तो आज यह समस्या खड़ी नहीं होती। सीलिंग की कार्रवाई से भोपाल का 90 प्रतिशत व्यापार बंद हो जाएगा।
    सुप्रीम कोर्ट में पेश करेंगे रिपोर्ट

    इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाले रहवासी विवेक त्रिपाठी ने कहा कि निगम सिर्फ दिखावे की कार्रवाई कर रहा है। बड़े और रसूखदारों को छोड़ रहा है। सिर्फ छोटे कारोबारियों पर ही कार्रवाई की जा रही है। इसे लेकर नाराजगी है। पूरी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में देंगे। इधर, सभी प्रतिष्ठानों पर तख्तियां लगाई गई हैं। जिसमें नगर निगम के आदेश पर भवन में व्यवसायिक गतिविधियां बंद होने का उल्लेख है। निगम की टीमें पहुंचने से पहले ही कई जगहों पर लोगों ने खुद ही अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। ई-3 अरेरा कॉलोनी में सीलिंग की कार्रवाई के दौरान दुकानदारों ने मोहलत मांगी। इस पर निगम अफसरों ने कहा कि पहले ही कई दिनों की मोहलत दी गई थी।
    कई जगहों पर होगी कार्रवाई
    कार्रवाई में हंगामे की स्थिति को देखते हुए मिसरोद, हबीबगंज, रातीबढ़, कोहेफिजा, गोविंदपुरा, ऐशबाग और कोलार थाना पुलिस थाने का बल तैनात किया गसर। सोमवार को कई जगहों पर कार्रवाई हुई है। भोपाल में आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त के पहले सप्ताह में सुनवाई की थी। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को बड़ा झटका देते हुए राज्य सरकार द्वारा गठित 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। साथ ही इस मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से दुकान संचालकों को मिले सभी राहत आदेश (स्टे ऑर्डर) निरस्त कर दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि उसके निर्देश पर चल रही जांच में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी। अभियान के दौरान अरेरा कॉलोनी में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब निगम की टीम आर्य समाज मंदिर के पास कार्रवाई के लिए पहुंची। टीम को देखते ही कुछ दुकानदारों ने विरोध शुरू कर दिया। मौके पर काफी देर तक गहमागहमी की स्थिति बनी रही।

Related Articles