- स्कूल शिक्षा विभाग की नई तबादला नीति जारी
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने वर्ष 2026 के लिए नई स्थानांतरण नीति जारी कर दी है। नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों और प्राचार्यों के सभी तबादले पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया से किए जाएंगे। विभागीय एजुकेशन पोर्टल के माध्यम से आवेदन, आदेश जारी करना, भारमुक्ति और नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करने की पूरी प्रक्रिया संचालित होगी। विभाग ने 8 जून से पंजीयन प्रक्रिया शुरू करने और 30 जून से 6 जुलाई के बीच ज्वाइनिंग पूरी करने का कार्यक्रम तय किया है। नई नीति का उद्देश्य स्थानांतरण प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और शिक्षकों का संतुलित वितरण सुनिश्चित करना है। इसके तहत केवल रिक्त पद होने के आधार पर तबादला नहीं किया जाएगा, बल्कि संबंधित संवर्ग में स्वीकृत पदों और भरे हुए पदों की स्थिति को भी ध्यान में रखा जाएगा। जिन जिलों में 70 प्रतिशत से कम पद भरे हैं, वहां शिक्षकों की उपलब्धता बनाए रखने पर विशेष जोर रहेगा।
स्थानांतरण प्रक्रिया को जिला, संभाग और राज्य स्तर पर विभाजित किया गया है। जिला संवर्ग के स्थानांतरण प्रभारी मंत्री की स्वीकृति के बाद जिला शिक्षा अधिकारी जारी करेंगे। संभागीय संवर्ग के प्रशासनिक और स्वैच्छिक स्थानांतरण संभागीय संयुक्त संचालक तथा राज्य संवर्ग के स्थानांतरण आयुक्त लोक शिक्षण द्वारा विभागीय मंत्री की मंजूरी के बाद किए जाएंगे। सभी आदेश ऑनलाइन जारी होंगे और उनकी जानकारी मोबाइल एप पर भी उपलब्ध रहेगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी जनप्रतिनिधि की निजी पदस्थापना में शिक्षकों या प्राचार्यों की तैनाती नहीं की जाएगी।
अतिशेष शिक्षकों के लिए नया प्रावधान
नई नीति में अतिशेष शिक्षकों की पहचान और उनके पुनर्वितरण के लिए भी स्पष्ट व्यवस्था की गई है। निर्धारित सेटअप से अधिक शिक्षकों वाले विद्यालयों की जानकारी पोर्टल पर प्रदर्शित की जाएगी और ऐसे शिक्षकों को शिक्षक-विहीन या शिक्षक-अभाव वाले विद्यालयों में पदस्थ किया जाएगा। शैक्षणिक सत्र के दौरान भी छात्रहित में काउंसलिंग के माध्यम से अतिशेष शिक्षकों का स्थानांतरण किया जा सकेगा। काउंसलिंग में शामिल नहीं होने वाले शिक्षकों का प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरण किया जाएगा। हालांकि, सेवानिवृत्ति में एक वर्ष से कम समय शेष होने वाले, 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले तथा गंभीर बीमारी से पीडि़त शिक्षकों को अतिशेष मानकर स्थानांतरित नहीं किया जाएगा।
ई-अटेंडेंस बनी पात्रता का आधार
स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले शिक्षकों के लिए नियमित ई-अटेंडेंस अनिवार्य की गई है। जनवरी से मार्च 2026 के बीच नियमित उपस्थिति दर्ज कराने वाले शिक्षक ही आवेदन के पात्र होंगे। स्वैच्छिक स्थानांतरण प्राप्त करने वाले शिक्षक अगले तीन वर्षों तक पुन: स्थानांतरण के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे। गलत जानकारी देने पर स्थानांतरण निरस्त करने के साथ सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत कार्रवाई का भी प्रावधान रखा गया है।
स्थानांतरण में मिलेगी प्राथमिकता
नीति के अनुसार प्राथमिकता क्रम में 10वीं बोर्ड परीक्षा में शत-प्रतिशत परिणाम देने वाले विद्यालयों के प्राचार्य एवं शैक्षणिक अमला, अतिशेष महिला एवं पुरुष शिक्षक, गंभीर बीमारी से पीडि़त कर्मचारी, पति-पत्नी को एक स्थान पर पदस्थ करने के मामले, दिव्यांग शिक्षक, विधवा एवं परित्यक्ता महिला कर्मचारी, राष्ट्रीय एवं राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक तथा वरिष्ठता को शामिल किया गया है।
स्थानांतरण का कोटा भी तय
विभाग ने प्रत्येक संवर्ग में स्थानांतरण की अधिकतम सीमा भी निर्धारित कर दी है। 200 तक पद संख्या वाले संवर्ग में अधिकतम 20 प्रतिशत स्थानांतरण किए जा सकेंगे। 201 से 1000 पद वाले संवर्ग में 160, 1001 से 2000 पद वाले संवर्ग में 260 स्थानांतरण की सीमा तय की गई है। हालांकि पति-पत्नी को एक स्थान पर पदस्थ करने और गंभीर बीमारी से जुड़े मामलों को इस सीमा से बाहर रखा गया है।
महत्वपूर्ण तिथियां
8 जून से प्रशासनिक एवं अंतरजिला स्थानांतरण पंजीयन प्रारंभ
8 से 15 जून अंतरजिला स्थानांतरण पंजीयन
8 से 17 जून जिला, संभाग एवं राज्य कैडर पंजीयन
18 जून रिक्त पदों का प्रकाशन
19 से 23 जून ऑनलाइन आवेदन
24 से 26 जून प्रशासनिक अनुमोदन
28 से 30 जून स्थानांतरण आदेश जारी
30 जून से 6 जुलाई भारमुक्ति एवं कार्यभार ग्रहण
1 से 7 जुलाई आपत्तियां दर्ज
15 जुलाई आपत्तियों का निराकरण
नई नीति के जरिए विभाग ने स्थानांतरण प्रक्रिया को डिजिटल, पारदर्शी और शिक्षक उपलब्धता के आधार पर अधिक संतुलित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इससे दूरस्थ और शिक्षक-अभाव वाले विद्यालयों में स्टाफ की उपलब्धता बढऩे की उम्मीद है।
07/06/2026
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