
- मीनाक्षी के नामांकन रद्द होने से गरमाई राजनीति, कांग्रेस ने चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट तक पर उठाए सवाल
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मप्र में भाजपा ने तीनों राज्यसभा सीटें निर्विरोध जीत ली हैं। चुनाव आयोग ने गुरुवार को पार्टी उम्मीदवार रजनीश अग्रवाल, तरुण चुग और महेश केवट को निर्वाचन सर्टिफिकेट दे दिए हैं। वहीं महेश केवट के निर्विरोध निर्वाचन पर राजनीति गरमा गई है। मीनाक्षी नटराजन के समर्थन में पूरी कांग्रेस उतर गई है और चुनाव प्रक्रिया के साथ ही निर्वाचन आयोग और सुप्रीम कोर्ट पर निशाना साधा है।
मध्यप्रदेश के राज्यसभा चुनाव का परिणाम घोषित होने के साथ ही प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा के तीनों उम्मीदवारों—महेश केवट, तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल—के निर्विरोध निर्वाचन के बाद कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के मामले ने अब राजनीतिक और कानूनी विवाद का रूप ले लिया है। राज्यसभा चुनाव में भाजपा की जीत के साथ जहां पार्टी इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सफलता बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करने वाला प्रकरण बता रही है। मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता खुलकर मैदान में उतर आए हैं और चुनाव आयोग से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक की भूमिका पर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं।
दिग्विजय बोले- यह मिली-जुली चोरी
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पूरे घटनाक्रम को मिली-जुली चोरी करार देते हुए कहा कि इसमें केवल राज्य सरकार ही नहीं, बल्कि केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की याचिका पर समय रहते सुनवाई नहीं की गई और एक गांधीवादी छवि वाली नेता मीनाक्षी नटराजन को चुनावी मैदान से बाहर कर दिया गया। दिग्विजय ने दावा किया कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई एफआईआर या आपराधिक मामला दर्ज नहीं है, फिर भी उनके नामांकन को निरस्त कर दिया गया। उन्होंने संबंधित रिटर्निंग अधिकारी पर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएगी।
कमलनाथ ने बताया लोकतंत्र के साथ धोखा
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा के तीनों उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचन और प्रमाण-पत्र वितरण पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब कांग्रेस की शिकायत पर निर्वाचन आयोग ने अभी तक अंतिम निर्णय नहीं दिया था और मामले की सुनवाई न्यायालय में लंबित थी, तब इतनी जल्दबाजी में निर्वाचन प्रक्रिया पूरी करना लोकतंत्र और प्रदेश की जनता के साथ धोखा है। कमलनाथ ने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाएं अपने दायित्वों का निष्पक्ष निर्वहन करने के बजाय सत्ता पक्ष के पक्ष में काम करती दिखाई दे रही हैं।
सडक़ों पर उतरी कांग्रेस
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में गुरुवार को युवा कांग्रेस ने भोपाल में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने पुरानी जेल परिसर से मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय तक लोकतंत्र के हत्यारों की प्रतीकात्मक अर्थी यात्रा निकाली। प्रदर्शनकारियों को आगे बढऩे से रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की, जिसके चलते कुछ देर तक धक्का-मुक्की और झूमाझटकी की स्थिति बनी रही। युवा कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग का रवैया निष्पक्ष नहीं है और संवैधानिक संस्थाओं पर सत्ता पक्ष का प्रभाव दिखाई दे रहा है।
भाजपा का पलटवार
कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने दिग्विजय सिंह के सुप्रीम कोर्ट संबंधी बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे आरोप किसी वरिष्ठ और पूर्व मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देते। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने जैसा है। विवाद के बीच भाजपा के नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य महेश केवट, तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष से मुलाकात की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तीनों को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि वे राज्यसभा में मध्यप्रदेश और देश के विकास से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाएंगे।
चुनाव से ज्यादा नामांकन बना मुद्दा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस राज्यसभा चुनाव में मतदान से अधिक चर्चा कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त होने की रही। भाजपा इसे संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा बता रही है, जबकि कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का मामला बताकर बड़े राजनीतिक अभियान का रूप देने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में यह विवाद अदालत और राजनीतिक मंचों दोनों पर और अधिक गरमा सकता है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के खिलाफ पार्टी की याचिका पर सुनवाई शुक्रवार तक के लिए टाल दी थी। मामले पर चुनाव आयोग ने भी कोई फैसला नहीं दिया है।
