
- सीपीआई इंडेक्स के आधार पर बढ़ा संविदा कर्मियों का पारिश्रमिक
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के विभिन्न विभागों, निगम-मंडलों, बोर्डों, परिषदों और सहकारी संस्थाओं में कार्यरत एक लाख से अधिक संविदा अधिकारी-कर्मचारियों के पारिश्रमिक में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। वित्त विभाग ने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के आधार पर संविदा कर्मचारियों के वेतन में 4.46 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि लागू करने के आदेश जारी किए हैं।
वित्त विभाग द्वारा सभी विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और कलेक्टरों को जारी निर्देशों में कहा गया है कि 1 अप्रैल 2026 की स्थिति के अनुसार संविदा नियुक्त कर्मचारियों के पारिश्रमिक में निर्धारित वृद्धि का लाभ दिया जाए। संशोधित पारिश्रमिक का भुगतान निर्धारित तिथि से प्रभावी होगा। प्रदेश में विभिन्न विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को इस निर्णय से प्रतिमाह अतिरिक्त राशि प्राप्त होगी। लंबे समय से संविदा कर्मचारी नियमित कर्मचारियों की तरह वेतन वृद्धि और महंगाई भत्ते की मांग कर रहे थे। हालांकि सरकार ने नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर लाभ नहीं दिया है, लेकिन सीपीआई इंडेक्स के आधार पर वेतन बढ़ाकर उन्हें राहत प्रदान की है।
पिछले वर्ष से अधिक बढ़ोतरी
इस वर्ष लागू की गई 4.46 प्रतिशत वृद्धि पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। वर्ष 2025 में सीपीआई इंडेक्स के आधार पर पारिश्रमिक में लगभग 2.94 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। संविदा कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए उन्हें नियमित कर्मचारियों की तरह महंगाई भत्ते का लाभ भी मिलना चाहिए। कर्मचारियों का तर्क है कि सीपीआई आधारित वृद्धि मूल रूप से औद्योगिक मजदूरों के लिए निर्धारित होती है, जबकि संविदा कर्मचारी नियमित कर्मचारियों की तरह कार्यालयीन और तकनीकी कार्य करते हैं। ऐसे में उन्हें भी समान महंगाई राहत दी जानी चाहिए। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के संविदा कर्मचारियों को महंगाई के दौर में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि कर्मचारी संगठन अब भी नियमितीकरण और समान वेतन-भत्तों की मांग पर कायम हैं।
संघ ने सभी विभागों में लाभ देने की मांग की
संविदा अधिकारी-कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने मांग की है कि जिन विभागों में अभी तक 2023 की संविदा नीति लागू नहीं हुई है, वहां भी कर्मचारियों को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर पारिश्रमिक वृद्धि का लाभ दिया जाए। वहीं मप्र संविदा अधिकारी-कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने शासन के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि संगठन लंबे समय से सीपीआई इंडेक्स के अनुसार पारिश्रमिक वृद्धि की मांग कर रहा था। उन्होंने कहा कि संविदा कर्मचारियों का नियमित पदों पर संविलियन किया जाना चाहिए तथा उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान वेतनमान और भत्तों का लाभ मिलना चाहिए।
विभिन्न पदों पर अनुमानित मासिक वृद्धि
पद अनुमानित वृद्धि (रु.)
लिपिक 1,220
वाहन चालक 1,220
डाटा एंट्री ऑपरेटर 1,470
सहायक वार्डन 1,600
लेखापाल 1,600
स्टेनोग्राफर 1,800
एमआईएस कॉर्डिनेटर 2,100
एपीसी जेंडर 2,100
ड्राफ्ट्समैन 2,100
उपयंत्री 2,100
बीआरसी 2,100
प्रोग्रामर-1 2,700
सहायक यंत्री 2,700
