मोहन सरकार तीन साल की उपलब्धियां गिनाएगी

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार 13 दिसंबर को अपने तीन साल पूरे करने जा रही है। इस मौके पर सरकार अपनी उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखेगी। इसके लिए विभागवार उपलब्धियों की बुकलेट तैयार की जा रही है। मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में सरकार के कामकाज का ब्योरा देना होगा, जबकि सांसद और विधायक भी अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए उपलब्धियां गिनाएंगे। इसके पहले मुख्यमंत्री मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा करेंगे। उनसे विभागीय उपलब्धियों के साथ चुनौतियों और आगामी दो साल की कार्ययोजना का विवरण भी मांगा गया है। प्रदेश में अगले साल नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में सरकार के तीन साल का रिपोर्ट कार्ड राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। खासकर निकाय चुनाव दलीय आधार पर होने के कारण सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने पर जोर रहेगा। रोजगार, निवेश, कृषि, शिक्षा, अधोसंरचना विकास, महिला सशक्तीकरण और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के विकास को उपलब्धियों के प्रमुख बिंदुओं में शामिल किया जाएगा। शहरी और ग्रामीण विकास से जुड़े कामों को भी अलग से रेखांकित किया जाएगा।
मंत्रियों से विभागीय कामकाज का पूरा हिसाब
मुख्यमंत्री जल्द ही मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा करेंगे। इसके लिए सभी मंत्रियों को अपने-अपने विभाग की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें केवल योजनाओं और उपलब्धियों का ब्योरा ही नहीं, बल्कि कामकाज के दौरान सामने आई चुनौतियों का भी उल्लेख करना होगा। मंत्रियों को यह भी बताना होगा कि उन्होंने प्रभार वाले जिलों में कितने दौरे किए और कितनी बार रात्रि विश्राम किया। समीक्षा में आगामी दो साल के लिए विभागों की कार्ययोजना भी अहम होगी। सरकार चाहती है कि उपलब्धियों के साथ आगे की प्राथमिकताएं भी स्पष्ट हों, ताकि शेष कार्यकाल में योजनाओं को गति दी जा सके। वर्ष 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाने की तैयारी के मद्देनजर विभागों को अपनी योजनाएं भी उसी अनुरूप तैयार करनी होंगी।
युवा वर्ष, रोजगार और निवेश पर रहेगा जोर
सरकार के पहले तीन साल सुशासन, उद्योग-निवेश और कृषक विकास पर केंद्रित रहे हैं। अब अगले दो साल की कार्ययोजना में इन क्षेत्रों में हासिल प्रगति के साथ नई प्राथमिकताओं को भी शामिल करना होगा। वर्ष 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाए जाने के कारण रोजगार, कौशल विकास और युवाओं से जुड़ी योजनाओं पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होगी। विभागों को अपनी उपलब्धियों के साथ यह भी बताना होगा कि घोषित योजनाओं का लाभ कितने लोगों तक पहुंचा और किन क्षेत्रों में अभी काम बाकी है। यही रिपोर्ट सरकार के आगामी कार्यक्रमों और जनता के बीच उपलब्धियां पेश करने का आधार बनेगी।

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