विधायक ने किया शासकीय कार्यक्रम में न जाने का ऐलान

  • अमर सिंह यादव बोले- विवादित अफसर हटने तक मंच नहीं करेंगे साझा

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
राजगढ़ जिले में एक बार फिर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच तनातनी गर्मा गई है। भाजपा विधायक अमर सिंह यादव जिले के प्रशासनिक अधिकारियों से बुरी तरह नाराज हो गए हैं। उन्होंने खुले तौर पर ऐलान कर दिया है कि जब तक दोषी अफसरों को हटा नहीं दिया जाता, वे किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। अपनी नाराजगी वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक भी पहुंचा चुके हैं, लेकिन दो दिन बाद भी सत्ता और संगठन स्तर से कोई कार्रवाई न होने से उनकी नाराजगी बढ़ती जा रही है। भाजपा के राजगढ़ विधायक अमर सिंह यादव की नाराजगी जिला अस्पताल में माड्यूलर ऑपरेशन थियेटर के लोकार्पण समारोह के दौरान सामने आई थी। इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक यादव के साथ ही नगर पालिका अध्यक्ष को भी न तो बुलाया गया था और न विधिवत सूचना ही भेजी गई थी। अपनी अनदेखी से तमतमाए विधायक यादव ने जिले के दो अधिकारियों के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया। उन्होंने अपने इस अपमान के लिए सीधे तौर पर जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शोभा पटेल और जिला खेल अधिकारी शर्मीला डाबर को जिम्मेदार बताया। विधायक ने मौके पर ही ऐलान कर दिया कि जब तक दोनों अधिकारियों को हटाया नहीं जाता अथवा निलंबित नहीं किया जाता, वे किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नहीं जाएंगे। विधायक के इस ऐलान से प्रशासनिक और सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है। विधायक के इस रुख के बाद प्रशासन और भाजपा के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। स्थानीय नेताओं और पदाधिकारियों की अनदेखी को लेकर भी नाराजगी सामने आई है।
आपसी खींचतान भी सामने आई
विधायक और अधिकारियों के बीच तनातनी के बीच भाजपा में आपसी खींचतान भी सामने आ गई है। विधायक यादव की नाराजगी इस बात से भी है कि राज्य मंत्री गौतम टेटवाल की मौजूदगी में उनका अपमान किया गया। राज्यमंत्री ने इस पर आपत्ति भी नहीं की। वहीं अब दोषी अधिकारियों को बचाने के आरोप भी राज्यमंत्री पर लगने से आपसी खींचतान को लेकर चर्चाएं गरम हैं। नगर पालिका अध्यक्ष विनोद साहू के अलावा जिले के भाजपा पदाधिकारियों को भी कार्यक्रम से दूर रखने विधायक की नाराजगी को समर्थन मिल रहा है।
यह भी लगाए आरोप
विधायक ने दोनों महिला अधिकारियों के खिलाफ सीधा मोर्चा खोलते हुए कहा कि अस्पताल सेवा का स्थान होता है, लेकिन कुछ लोगों ने इसे अड्डा बना रखा है। गलत तरीके से खरीदी हो रही है, फर्जी बिल लगाए जा रहे हैं, जिला अस्पताल में गलत तरीके से कैंटीन दे दिया गया। ऐसे कई मामले हैं, जिनकी मैं पूरी जांच करवाऊंगा।
कलेक्टर से नाराज थे सांसद
राजगढ़ जिले में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच विवाद का यह कोई नया मामला नहीं है। पंचायत स्तरों पर तो विवाद सामने आते ही रहते हैं। सांसद और कलेक्टर के बीच भी खासी तनातनी हो चुकी है। जब जनवरी में तत्कालीन कलेक्टर निधि निवेदिता ने सांसद रोडमल नागर की रैली को अनुमति देने से से मना कर दिया था। कलेक्टर ने इसे अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ते हुए सांसद की रैली रोकने के लिए धारा 144 तक लगा दी थी।

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