
- फ़्लाईओवर, मेट्रो और सडक़ परियोजनाओं पर भी सरकार का जोर
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। राज्य सरकार ने दोनों मेट्रो का काम पूरा करने की अंतिम समय सीमा जून 2028 तय कर दी है। मेट्रो प्रबंधन का दावा है कि सुभाष नगर से करोंद और रत्नागिरी भदभदा मेट्रो का निर्माण का लगभग 50 फीसदी कार्य हो चुका है। इन दोनों मेट्रो में 21 नए स्टेशन बनाए जाएंगे। सरकार ने अभी तक मेट्रो को 10 हजार करोड़ रुपए – की आर्थिक राहत दी है। इस वजह से मेट्रो अपने काम में और गति बढ़ाएंगी। मेट्रो के अधिकारियों ने बताया कि अगले दो साल में आरेंज लाइन मेट्रो के सुभाष नगर से करोंद क्रॉसिंग तक 9.64 किलोमीटर और भदभदा क्रॉसिंग को सीधे रत्नागिरी क्रॉसिंग से जोडऩे वाला 14.16 किलोमीटर का मार्ग को पूरा करना है।
ये है प्रगति की स्थिति
आंरेज लाइन मेट्रो के दूसरे चरण में करोंद चौराहे से सिंधी कॉलोनी तक लगभग 100 पिलरों का काम पूर्णता के निकट है। यहां से भोपाल स्टेशन तक अंडरग्राउंड मेट्रो चलेगी। करीबन 9.64 किमी लंबे इस मेट्रो में आठ स्टेशन, जिसमें छह एलिवेटेड, दो अंडरग्राउंड बनने हैं। इसमें 3.39 किमी अंडरग्राउंड मेट्रो शामिल है। इस लाइन में केवल बड़ा बाग कब्रिस्तान का मामला कोर्ट में अटका है। चूंकि इसके नीचे से अंडरग्राउंड मेट्रो जाने के कारण विवाद निर्मित हुआ है। मेट्रो प्रबंधन को उम्मीद है कि जल्द ही इसका समाधान कर लिया जाएगा। बता दें कि सुभाष नगर से एम्स मेट्रो दौड़ रही है। मेट्रो के दूसरे चरण में ब्ल्यू लाइन योजना के तहत भदभदा चौराहे से रत्नागिरी तिराहे तक कुल 14.16 किमी में 13 स्टेशन बनने है। वर्तमान में मेट्रो के 50 फीसदी प्रिलर भदभदा से पीएडंटी चौक तर्क और रत्नागिरी से गोविंदपुरा आईटीआई तिराहे तक बन चुके हैं। अब इसके उपर गार्डर बिछाने हैं। दूसरे चरण में जल्द ही मेट्रो के बोगदा पुल से जहांगीराबाद होकर रोशनपुरा चौराहे तक काम शुरू होने जा रहा है। प्रबंधन पहले इस क्षेत्र में स्टेशनों का निर्माण करेगा। इसके बाद पिलर खड़े करेगी। पुराने विधानसभा भवन के सामने निर्माण के लिए मेट्रो ने अपने बेरियर लगा दिया है।
सरकार और नागरिकों से मिल रहा सहयोग
एमपी मेट्रो कार्पोरेशन प्रदेश की सबसे बड़ी परियोजना भोपाल मेट्रो के निर्माण कार्य में तेजी ला दी है। हमें अगले दो साल में ये काम पूरा कर सरकार को देना है, ताकि राजधानी की जनता इन दोनों मेट्रों का लाभ उठा सकें। हमें सरकार और उनके विभागों से पूरा सहयोग मिल रहा है। मेट्रो निर्माण के दौरान आम नागरिकों को असुविधा हो रही है, लेकिन नागरिक भी हमें अप्रत्यक्ष रूप से निर्माण कार्य में पूरा सहयोग कर रहे हैं।
भोपाल मेट्रो ने बढ़ाई 300 प्रतिशत तक संपत्तियों की कीमतें
राजधानी में दोनों मेट्रो जिन इलाकों से निकल रही है, वहां संपत्तियों की दरों में बढ़ोत्री हो गई है। रेरा के सदस्य स्लोज मीक के अनुसार मेट्रों परियोजना के विकास और शहर के रियल एस्टेंट में भारी उछाल के कारण संपत्तियों के दाम काफी बढ़ गए हैं। भोपाल मेट्रो से रियल एस्टेट बाजार जैसे नीलबाद, कटारा हिल्स, भौरी, और कोलार में संपत्तियों की कीमतों में पिछले कुछ वर्षों में 150 प्रतिशत से लेकर 300 प्रतिशत तक की भारी वृद्धि दर्ज की गई है।
फ़्लाईओवर, मेट्रो और सडक़ परियोजनाओं पर भी चर्चा
इसी तरह इंदौर मेट्रो फेज-2 में शहीद बगीचा-खजराना चौराहा (1.77 किमी) और एयरपोर्ट-गांधी नगर (1.5 किमी) सेक्शन के कार्य जून 2028 तक पूरे होंगे। फेज-3 में खजराना चौराहा से एयरपोर्ट तक 11.59 किमी सेक्शन विकसित किया जाएगा। फेज-1 में गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर-3 तक 5.26 किमी सेक्शन शुरू हो चुका है, जबकि सुपर कॉरिडोर-3 से मालवीय नगर चौराहा तक 11.43 किमी सेक्शन का काम लगभग पूरा है। बैठक में फ्लाईओवर, मेट्रो और सडक़ निर्माण परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई।
