
- मुख्यमंत्री मोहन ने कुकरू में लगाई रात्रि चौपाल
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल जिले के प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरू में रात्रि चौपाल लगाकर ग्रामीणों से संवाद किया। चौपाल के दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके निराकरण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी ग्रामीण को पटवारी, थानेदार या अन्य अधिकारी द्वारा परेशान किया जाता है तो वे सीधे उन्हें अवगत कराएं। रात्रि चौपाल में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के सामने गांव में हाईस्कूल, पेयजल व्यवस्था और 20 बिस्तरों वाले अस्पताल की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए तालाब निर्माण के निर्देश दिए। वहीं बालिका छात्रावास, जामूखेड़ी मार्ग और बुंदियाखुर्द पुलिया निर्माण की स्वीकृति देने की घोषणा भी की।
शुरू होगी ग्रामीण बस सेवा
मुख्यमंत्री ने कुकरू को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की बात कहते हुए बताया कि अगले माह से यहां ग्रामीण बस सेवा शुरू की जाएगी, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी। रात्रि चौपाल के दौरान स्थानीय कोरकू समाज के कलाकारों ने पारंपरिक गीत और नृत्य प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री भी ग्रामीणों के साथ घुलमिल गए और गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो भजन गाकर सभी का मन मोह लिया। इस दौरान शिपा शनवारे ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने बच्चों से भी मुलाकात की और उन्हें स्नेहपूर्वक दुलार किया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से विवाह समारोहों में अनावश्यक खर्च से बचने, सामूहिक विवाह को बढ़ावा देने और मृत्यु भोज जैसी कुप्रथाओं को समाप्त करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। रात्रि चौपाल के बाद मुख्यमंत्री ने एक ग्रामीण के घर भोजन किया और रात्रि विश्राम के लिए कुकरू स्थित फॉरेस्ट रेस्ट हाउस पहुंचे।
दुग्ध उत्पादन और पशुपालन बढ़ाने पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 को प्रदेश में कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने किसानों से खेती के साथ पशुपालन को अपनाने और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की अपील की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को 25 गाय या 25 भैंस पालन के लिए 40 लाख रुपये तक की ऋण सहायता दी जाएगी, जिसमें 10 लाख रुपये सरकार वहन करेगी। साथ ही कोदो-कुटकी की समर्थन मूल्य पर खरीदी जारी रहने की बात भी कही।
महिलाओं की सराहना, योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश
स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि वो कृषि सखी, जेंडर सखी, बकरी पालन, भैंस पालन, मुर्गी पालन और सूक्ष्म उद्योगों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं और कई महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए किसान सम्मान निधि और लाडली बहना योजना की जानकारी ली और पात्र किसानों की ई-केवाईसी शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को सूक्ष्म व लघु उद्योगों से जोडऩे, आजीविका भवन और कोदो-कुटकी प्रसंस्करण इकाई के लिए ऋण सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित का ऐलान
सीएम यहां का प्राकृतिक नजारा देखकर गदगद हो गए। उन्होंने एलान किया कि कुकरू को अब देश और प्रदेश के बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। अगर आप वीकेंड पर किसी शांत और खूबसूरत जगह जाने का प्लान कर रहे हैं, तो कुकरू आपकी लिस्ट में टॉप पर होना चाहिए। बता दें कि सीएम यादव ने यहां पर स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बनाई गई मावा और रबड़ी का स्वाद लिया और उनके आत्मनिर्भर बनने के जज्बे की जमकर तारीफ की।
