
- 12 से 14 अक्टूबर तक अंतरराष्ट्रीय बौद्धिक सम्मेलन होगा
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। श्रीराम के जीवन-दर्शन, आदर्शों, रामायण की वैश्विक परंपरा और उसके सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभावों पर भोपाल में देश-दुनिया के शोधार्थी मंथन करेंगे। संस्कृति विभाग के श्रीरामचंद्र पथ गमन न्यास की ओर से 12 से 18 अक्टूबर तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय श्रीरामलीला उत्सव के तहत 12 से 14 अक्टूबर तक रविंद्र भवन में अंतरराष्ट्रीय बौद्धिक सम्मेलन होगा। इसका विषय अध्यात्म, मर्यादा और सुशासन श्रीराम दर्शन का वैश्विक समागम रखा गया है।
चयनित शोध होगा प्रकाशित: संस्कृति संचालक एवं न्यास के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एनपी नामदेव ने बताया कि प्राप्त शोध कार्यों का समिति परीक्षण और चयन करेगी। चयनित शोध आलेखों को सम्मेलन के बाद संगोष्ठी पुस्तिका के रूप में प्रकाशित किया जा सकेगा। प्रतिभागियों की प्रमाण-पत्र भी दिए जा सकेंगे। शोधार्थी संस्कृति विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से पंजीयन कर सकेंगे।
कई विषयों पर प्रस्तुत होंगे शोध आलेख
सम्मेलन के लिए शोधार्थियों और अध्येताओं से शोध आलेख एवं प्रमाणित शोध कार्य आमंत्रित किए गए हैं। इनमें रामराज्य की संकल्पना, श्रीराम का आदर्श नेतृत्व एवं सुशासन, रामायणकालीन औषधियां, लोककथाओं में श्रीराम तथा वाल्मीकि और तुलसी के रामकाव्य का अध्ययन शामिल है। इसके अलावा वैश्विक रामकथाएं, आधुनिक लेखन, चित्रपट और कलाओं में श्रीराम, पुरातत्व, मंदिर एवं अभिलेख, रामायणकालीन वास्तुकला तथा सामाजिक समरसता जैसे विषय भी रखे गए हैं।
