
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का ऐलान
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला दिव्य ज्ञान है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा का श्रवण करने मात्र से मनुष्य के दु:ख-दर्द दूर होते हैं और समाज में सद्भाव, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उज्जैन जिले के टंकारिया गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के समापन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव वर्चुअली शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण के संदेशों को जीवन में उतारने का आह्वान किया और कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन में अनेक चुनौतियां और कष्ट आए, लेकिन उन्होंने कभी धर्म का साथ नहीं छोड़ा। उन्होंने अत्याचार और कुशासन का अंत कर समाज को न्याय और धर्म का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को उसके कर्तव्यों का बोध कराती है और मानव सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
जहां-जहां श्रीकृष्ण की लीलाएं हुईं, वहां बनेंगे भव्य तीर्थ
मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े स्थानों को विकसित करने के लिए विशेष योजना पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि उज्जैन जिले के नारायणा गांव में भव्य श्रीकृष्ण तीर्थ बनाया जाएगा। धार जिले के अंका-झंका माताजी परिसर को भी श्रीकृष्ण तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़े स्थलों को धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
ग्रामीणों को मिली सडक़, गौशाला और धर्मशाला की सौगात
ग्रामीणों की मांग पर मुख्यमंत्री ने कई विकास कार्यों की घोषणा की। जिनमें- टंकारिया पंथ से लेपड़ तक पक्की सडक़ का निर्माण। टंकारिया से रानापुर फाटक तक सडक़ बनाई जाएगी। धर्मशाला में शेड निर्माण के लिए राशि उपलब्ध कराई जाएगी। गौशाला निर्माण के लिए अनुदान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने संकेत दिए कि मध्य प्रदेश को धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। श्रीकृष्ण से जुड़े तीर्थ स्थलों के विकास से प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और मजबूत होगी।
राखी पर फिर मिलेगा लाड़ली बहनों को शगुन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आगामी रक्षाबंधन पर प्रदेश की लाड़ली बहनों को सरकार की ओर से शगुन के रूप में राशि भेजी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पात्र बुजुर्गों को सरकार की तीर्थ दर्शन योजना के तहत धार्मिक यात्राएं भी कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सांस्कृतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने आयोजन समिति, संत समाज और श्रद्धालुओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से समाज में संस्कार, एकता और सद्भाव की भावना मजबूत होती है।
आयोजन समाज में सद्भाव सुदृढ़ करने में मददगार होते हैं
मुख्यमंत्री ने इस कथा आयोजन को समाज में आध्यात्मिक जागृति और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रसार का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। सात दिवसीय भागवत् कथा के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति के सभी सदस्यों, संतजनों एवं श्रद्धालुओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि आप सभी के सामूहिक प्रयासों से क्षेत्र में सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक चेतना का व्यापक प्रसार हुआ है। ऐसे आयोजन समाज में एकता, सद्भाव और संस्कारों को सुदृढ़ करने में मददगार होते हैं। इस अवसर पर प्रसिद्ध श्रीमद्भागवत कथावाचक राकेश शर्मा ‘शास्त्री’, मनोहर चौधरी, लीलाधर पटेल, जगदीश पटेल, सुदामा पटेल, सोहन पटेल, कान्हा पटेल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। कथा समापन पर आयोजन समिति द्वारा भण्डारा भी कराया गया।
