नगरीय चुनाव से पहले भाजपा का बड़ा दांव

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एल्डरमैन बनेंगे चुनावी सेनापति, साधे जाएंगे नाराज नेता

गौरव चौहान/भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश भाजपा ने अगले साल होने वाले नगरीय निकाय चुनावों की तैयारी अभी से शुरू कर दी है। प्रदेश कार्यसमिति और मोर्चों की नियुक्तियों के बाद अब पार्टी की नजर प्रदेश के 244 नगरीय निकायों में होने वाली एल्डरमैन नियुक्तियों पर टिक गई है। संगठन के भीतर इसे महज प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच इस विषय पर कई दौर की चर्चा हो चुकी है। अगले एक सप्ताह के भीतर प्रदेश के शेष नगरीय निकायों में एल्डरमैनों की नियुक्ति की घोषणा होने की संभावना है।
भाजपा के लिए यह नियुक्तियां कई राजनीतिक उद्देश्यों को पूरा करने का माध्यम बन सकती हैं। हाल ही में प्रदेश संगठन, मोर्चों और प्रकोष्ठों में हुई नियुक्तियों में कई वरिष्ठ नेता और पुराने कार्यकर्ता जगह नहीं बना पाए थे। पार्टी अब एल्डरमैन पदों के जरिए ऐसे नेताओं को सम्मानजनक जिम्मेदारी देकर संगठन में संभावित असंतोष कम करना चाहती है। विशेष रूप से विधानसभा और लोकसभा चुनावों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता मिलने की चर्चा है। इससे पार्टी एक साथ संगठनात्मक संतुलन और चुनावी सक्रियता दोनों बनाए रखने की कोशिश कर रही है।
16 नगर निगमों पर सबसे ज्यादा नजर
प्रदेश के 16 नगर निगमों में 12-12 एल्डरमैन नियुक्त किए जाएंगे। इनमें भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सागर, रीवा, सतना, सिंगरौली, मुरैना, छिंदवाड़ा, देवास, कटनी, रतलाम, खंडवा और बुरहानपुर शामिल हैं। सबसे ज्यादा चर्चा इन्हीं नगर निगमों को लेकर है, क्योंकि बड़े शहरों में संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच संतुलन बनाना पार्टी के लिए चुनौती माना जाता है। जिला स्तर के कोर ग्रुप संभावित नाम पहले ही प्रदेश नेतृत्व को भेज चुके हैं और अंतिम सहमति की प्रक्रिया चल रही है।
चुनावी नेटवर्क तैयार करने की रणनीति
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा इन नियुक्तियों के जरिए स्थानीय स्तर पर अपना चुनावी नेटवर्क मजबूत करना चाहती है। एल्डरमैन परिषद की बैठकों में भाग लेकर स्थानीय मुद्दों से सीधे जुड़ते हैं और संगठन तथा परिषद के बीच समन्वय की भूमिका निभाते हैं। मतदान का अधिकार नहीं होने के बावजूद स्थानीय राजनीति में उनकी पकड़ प्रभावशाली मानी जाती है। यही कारण है कि भाजपा इन्हें आगामी नगरीय निकाय चुनावों के लिए ग्राउंड मैनेजर के रूप में तैयार कर रही है।
ओरछा में होगा चुनावी रोडमैप का मंथन
इसी बीच भाजपा नई प्रदेश कार्यसमिति की पहली बैठक भी राजधानी से बाहर आयोजित करने जा रही है। 15 और 16 जुलाई को धार्मिक एवं पर्यटन नगरी ह्रह्म्ष्द्धद्धड्ड में दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति बैठक होगी। कई वर्षों बाद प्रदेश कार्यसमिति का इतना बड़ा आयोजन भोपाल से बाहर किया जा रहा है। बैठक में सांसद, विधायक, प्रदेश पदाधिकारी, मोर्चा प्रमुख और कार्यसमिति सदस्य शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार बैठक में आगामी नगरीय निकाय चुनाव, पंचायत स्तर तक संगठन विस्तार, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का प्रचार तथा बदलते राजनीतिक समीकरणों पर विस्तृत चर्चा होगी।
संगठन से सरकार तक, हर स्तर पर चुनावी तैयारी
भाजपा नेतृत्व मानता है कि नगरीय निकाय चुनाव केवल स्थानीय चुनाव नहीं बल्कि विधानसभा चुनाव से पहले जनता का मूड जानने का सबसे बड़ा राजनीतिक पैमाना होते हैं। इसलिए पार्टी अभी से बूथ, वार्ड और नगर स्तर पर अपनी संरचना को मजबूत करने में जुट गई है। एल्डरमैन नियुक्तियां, कार्यसमिति का विस्तार और ओरछा मंथन—इन तीनों को जोडकऱ देखें तो भाजपा का पूरा फोकस अब नगरीय चुनावों के लिए संगठन को सक्रिय करने पर दिखाई दे रहा है। भाजपा के लिए एल्डरमैन नियुक्तियां केवल सम्मानजनक पद बांटने की प्रक्रिया नहीं हैं, बल्कि यह नगरीय चुनावों से पहले संगठन, सरकार और कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल मजबूत करने की एक बड़ी चुनावी कवायद है। आने वाले दिनों में इन नियुक्तियों से यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि पार्टी स्थानीय स्तर पर किन चेहरों को भविष्य की राजनीति के लिए तैयार कर रही है।
मार्च में 169 निकायों में नियुक्त हुए थे एल्डरमैन
मार्च में मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के 169 नगरीय निकायों में एल्डरमैन की नियुक्ति के आदेश जारी किए थे। इन नियुक्तियों में विशेष रूप से नगर परिषदों और नगर पालिकाओं को कवर किया गया था, जिसका विवरण इस प्रकार है। वहीं एमपी में कुल 299 नगर परिषद हैं। इनमें से 28 मार्च को 123 नगर परिषदों में एल्डरमैन नियुक्त किए गए थे। तय फॉर्मूले के मुताबिक, प्रत्येक नगर परिषद में 4-4 एल्डरमैन मनोनीत किए गए। इस लिहाज से नगर परिषदों में कुल 492 एल्डरमैन बनाए गए थे। अब 176 नगर परिषदों में नियुक्तियां होना बाकी हैं। एमपी में कुल 98 नगर पालिका परिषद हैं। इनमें से मार्च में 46 नगर पालिकाओं में एल्डरमैन की घोषणा की गई थी। यहां के लिए प्रति नगर पालिका 6-6 एल्डरमैन का फॉर्मूला तय किया गया था, जिससे नगर पालिकाओं में कुल 276 एल्डरमैन नियुक्त हुए। अब 52 नगर परिषदों में एल्डरमैन नियुक्त होने बाकी हैं। यदि दोनों को जोडकऱ देखा जाए, तो मार्च में हुई घोषणा के तहत कुल 768 एल्डरमैन नगर परिषद और नगर पालिका में नियुक्त किए गए थे। हालांकि, उस समय आपसी सहमति न बन पाने के कारण सागर को छोडकऱ शेष बुंदेलखंड और चंबल संभाग के कई निकायों की सूची होल्ड पर रख दी गई थी।

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