
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मप्र में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं की खरीदी 100 लाख टन के पार हो सकती है। अभी तक 71 लाख 27 हजार 944 टन गेहूं खरीदा जा चुका है। 23 मई तक खरीदी होनी है और आठ लाख से अधिक किसान बचे हैं। अब तक की खरीदी को देखा जाए तो इसका सर्वाधिक लाभ भोपाल संभाग के किसानों ने उठाया है। दूसरा स्थान पर उज्जैन संभाग है। वहीं, कुछ जिले ऐसे भी हैं, जहां खरीदी अब तक चार अंकों में भी नहीं पहुंची है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस पर विशेष नजर रखी जाए कि खरीदी के अंतिम दिनों में कोई गड़बड़ी न हो। एक भी पात्र किसान वंचित न हो और किसी अपात्र को लाभ न मिले, इसकी चिंता करें। वर्ष 2020-21 में कोरोना काल के समय मध्य प्रदेश ने उपार्जन में पंजाब को पीछे छोडक़र 121 लाख टन से अधिक का गेहूं एमएसपी पर खरीदकर कीर्तिमान बनाया था। इसके बाद इसमें कमी आती गई। गत वर्ष 78 लाख टन गेहूं खरीदा गया। गेहूं का रकबा 98 लाख हेक्टेयर के आसपास पहुंच गया है और उत्पादन 380 लाख टन से अधिक अनुमानित है इसलिए मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने भारत सरकार के अनुरोध करके 22 लाख टन कोटा बढवाकर 100 लाख टन कराया है। अब सभी किसानों से उपज खरीदी जा रही है।
उज्जैन में सर्वाधिक खरीदार
जिलेवार, यदि देखा जाए तो सर्वाधिक गेहूं की स्थिति में यहां 5,97,740 टन गेहूं खरीदा गया। फिर सीहोर 5,87,612 टन, रायसेन 4,56,572 टन, विदिशा 4,34,812 टन, नर्मदापुरम 3,50,921 की खरीद उज्जैन में हुई है। 12 मई तक टन, देवास 3,20,664 टन, शाजापुर 3,0,4158 टन, सागर 2,55,240 टन और भोपाल 2,51,287 टन रहे। वहीं, कम उपार्जन वाले जिलों में सबसे ऊपर 276 टन के साथ आलीराजपुर रहा है। बुरहानपुर में भी 348 टन की उपार्जन अब तक हुआ है।
