शादी का अनोखा निमंत्रण बना पर्यावरण संरक्षण का संदेश, कार्ड के साथ बांटे बीज

अनोखा निमंत्रण
  •  आशीष और शिवानी 25 जून को लेंगे सात फेरे, मेहमानों से पौधारोपण कर धरती को हरा-भरा बनाने की अपील

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। शादियों में आकर्षक और महंगे कार्ड बांटने का चलन आम है, लेकिन भोपाल के एक कपल ने अपने विवाह निमंत्रण को पर्यावरण संरक्षण की मुहिम से जोडक़र नई मिसाल पेश की है। 25 जून 2026 को विवाह बंधन में बंधने जा रहे आशीष नामदेव और शिवानी नामदेव ने अपने वेडिंग कार्ड के साथ विभिन्न पौधों, फूलों, फलों और सब्जियों के बीज भेजे हैं। उनका उद्देश्य सिर्फ शादी का निमंत्रण देना नहीं, बल्कि लोगों को प्रकृति से जोड़ते हुए पौधारोपण के लिए प्रेरित करना भी है। यह अनूठी पहल अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।
भोपाल के कपल ने शादी को बनाया पर्यावरण जागरूकता का माध्यम: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल निवासी आशीष नामदेव और उत्तर प्रदेश की रहने वाली शिवानी नामदेव 25 जून 2026 को विवाह के बंधन में बंधने जा रहे हैं। अपनी जिंदगी के इस सबसे खास अवसर को यादगार बनाने के लिए दोनों ने ऐसा कदम उठाया है, जो सिर्फ उनके परिवार और रिश्तेदारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दूर-दूर तक पहुंचाएगा। उन्होंने अपने विवाह निमंत्रण पत्र में विभिन्न प्रकार के बीज शामिल किए हैं, ताकि कार्ड प्राप्त करने वाला हर व्यक्ति पौधारोपण कर प्रकृति के संरक्षण में अपनी भागीदारी निभा सके।
कार्ड में शामिल किए तुलसी, फूल, फल और सब्जियों के बीज: आशीष और शिवानी ने करीब 350 शादी के कार्ड छपवाए हैं और प्रत्येक कार्ड के साथ बीजों का पैकेट रखा है। इनमें तुलसी, गेंदा, कॉर्नफ्लॉवर, डेजी, गुलाब, टमाटर, गाजर, कद्दू, तुरई, धनिया, तरबूज, पपीता और पालक समेत कई पौधों के बीज शामिल हैं। इन बीजों का उद्देश्य केवल हरियाली बढ़ाना नहीं, बल्कि लोगों को प्रकृति से जोडऩा और उन्हें घरों में फल, फूल व सब्जियां उगाने के लिए प्रेरित करना भी है। इस अनोखी पहल की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं।
‘बेहतर कल के लिए आज एक पेड़ लगाएं’: शादी के कार्ड में कपल ने एक भावनात्मक संदेश भी लिखा है। उन्होंने मेहमानों से अपील करते हुए कहा है, बेहतर कल के लिए आज एक पेड़ लगाएं। उनका मानना है कि पौधारोपण करना भी एक नई जिंदगी को संवारने जैसा है। जैसे-जैसे ये पौधे विकसित होंगे, वैसे-वैसे उनकी शादी की यादें भी लोगों के बीच जीवित रहेंगी। इस संदेश के जरिए दोनों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का एहसास कराने की कोशिश की है।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरणादायक पहल: वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण, घटते हरित क्षेत्र और बढ़ते तापमान ने पर्यावरण संरक्षण को सबसे बड़ी जरूरत बना दिया है। ऐसे दौर में आशीष और शिवानी की यह पहल समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है। उनका कहना है कि आने वाली पीढिय़ों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण देने के लिए आज से ही पौधारोपण और वृक्ष संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाना होगा। साथ ही केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उनकी देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है।
लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी अनोखी सोच: आशीष और शिवानी की यह पर्यावरण हितैषी सोच अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। लोग इसे केवल एक शादी का निमंत्रण नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश मान रहे हैं। यह पहल बताती है कि यदि जीवन के खुशियों भरे अवसरों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ दिया जाए, तो समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत शुरुआत की जा सकती है।

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