
संसद ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के अपमान को अपराध बनाने वाले बिल को पास कर दिया। लोकसभा ने थोड़ी बहस के बाद शोर-शराबे के बीच यह कानून पास कर दिया। राज्यसभा से पहले ही यह बिल पास हो चुका है। अब वंदे मातरम के अपमान पर तीन साल की जेल की सजा हो सकती है। एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी, डीएमके की कनिमोझी समेत तमाम सांसदों ने इस बिल के पास होने का विरोध किया। डीएमके सांसद ने कहा कि यह हिंदुत्व का एजेंडा है और सेक्युलरिज्म के खिलाफ है। लोकसभा में विपक्ष के विरोध के बीच बिल ध्वनिमत से पारित हुआ। विपक्षी दल जंतर-मंतर पर हुई पुलिस की कार्रवाई पर चर्चा की मांग कर रहे थे। यह बिल प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट, 1971 में बदलाव करता है। मौजूदा कानून में जानबूझकर नेशनल फ्लैग, संविधान और नेशनल एंथम का अपमान करने पर सजा का प्रावधान है। इसमें तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। बार-बार गलती करने वालों को कम से कम एक साल की जेल हो सकती है। बिल के पास होने के बाद जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस पर हस्ताक्षर कर देंगी तो यह कानून की शक्ल ले लेगा।
