
बॉम्बे हाई कोर्ट ने तलाक की कार्रवाई से गुजर रही एक महिला को अपनी नाबालिग बेटियों के पिता के साथ विदेश यात्रा करने की इजाजत दे दी है, लेकिन उन्हें उसी होटल में ठहरने या छुट्टियों में दखल देने से रोक दिया है। जस्टिस नीला गोखले ने चेतावनी दी कि निर्देशों का उल्लंघन करने पर उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। कोर्ट ने साफ तौर पर चेतावनी दी कि अगर लड़कियों ने शिकायत की कि उनकी मां ने पिता के साथ उनकी यात्रा में दखल दिया है, तो कोर्ट उनसे मिलने के उनके अधिकार पर रोक लगा सकता है। दरअसल, गोवा की महिला ने पिता को आठ दिन की कस्टडी और बेटियों को विदेश ले जाने की इजाजत देने वाले आदेश को चुनौती दी थी। इसके अलावा, उन्होंने उनके साथ जाने की इजाजत मांगी और कोर्ट से पिता को उनके यात्रा और ठहरने का इंतजाम करने और उसका खर्च उठाने का निर्देश देने को कहा। दोनों लड़कियों से बातचीत करने के बाद हाई कोर्ट ने कहा कि वे अपने पिता के साथ यात्रा करने में सहज थीं और छुट्टियों को लेकर उत्साहित थीं।
