9वीं कक्षा से ही पढ़ाया जाएगा आपातकाल का इतिहास

9वीं कक्षा

भारतीय लोकतंत्र के काले अध्याय ‘आपातकाल’ के बारे में स्कूलों में अब नौवीं कक्षा से ही बच्चों को पढ़ने को मिलेगा। एनसीईआरटी ने नौवीं कक्षा के लिए जारी सामाजिक विज्ञान की नई पाठ्यपुस्तक में आपातकाल को प्रमुखता से जगह दी है। अब तक इसे स्कूलों में 11वीं और 12वीं कक्षा में राजनीतिक विज्ञान विषय में पढ़ाया जाता था। देश में 25 जून, 1975 की रात में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाने का ऐलान किया था। गुरुवार को देशभर में इसकी बरसी भी मनाई गई। आपातकाल 21 महीने लागू रहा था। पाठ्यपुस्तक में छात्रों को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में मीडिया की भूमिका भी पढ़ाई जाएगी। एनसीईआरटी ने सामाजिक विज्ञान की अपनी नई पुस्तक ‘अंडरस्टैंडिंग सोसायटी : इंडिया एंड बियांड’ में लोकतंत्र के सामने चुनौतियों से जुड़े पाठ में पेज नंबर-155 पर आपातकाल को जगह दी है। आम लोगों के मौलिक अधिकारों को किस तरह से खत्म किया गया था और इस दौरान चलाए गए जेपी नारायण के आंदोलन का भी इसमें जिक्र है।

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