
बिच्छू डॉट कॉम। प्रशांत महासागर में सक्रिय हुए सुपर अल नीनो ने दुनिया भर के मौसम वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। क्लाइमेट इम्पैक्ट लैब द्वारा जारी अल नीनो हीट मॉर्टेलिटी ट्रैकर के अनुसार, इस खतरनाक मौसमी घटना के कारण अक्टूबर 2026 से मार्च 2027 के बीच दुनिया भर में 3.73 लाख से अधिक अतिरिक्त मौतें हो सकती हैं। इस वैश्विक संकट की चपेट में आने वाले देशों में भारत भी अत्यधिक जोखिम वाले शीर्ष देशों में शामिल है, जिससे देश में भीषण गर्मी और स्वास्थ्य आपातकाल का खतरा मंडरा रहा है। सुपर अल नीनो की यह भयावह स्थिति तब उत्पन्न हुई है जब पूर्वी-मध्य प्रशांत महासागर के नीनो 3.4 क्षेत्र में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से 3.4 डिग्री सेल्सियस ऊपर पहुंच गया है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन के मुताबिक, आने वाले महीनों में यह तापमान सामान्य अल नीनो की तुलना में छह गुना तक अधिक वृद्धि दर्ज कर सकता है।
