
- नए पाठ्यक्रमों का संचालन प्रभावित हो रहा
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। प्रदेश के सरकारी कालेजों में शिक्षकों की कमी से पढ़ाई और नए पाठ्यक्रमों का संचालन प्रभावित हो रहा है लेकिन 100 से अधिक सहायक प्राध्यापक और प्राध्यापक मंत्रालय, सतपुड़ा भवन और अन्य कार्यालयों में प्रतिनियुक्ति पर हैं। भोपाल के शासकीय मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय (एमवीएम ) में प्राध्यापकों के 70 पद स्वीकृत हैं। 20 पद रिक्त हैं। उपलब्ध 50 प्राध्यापकों में से तीन अतिरिक्त संचालक कार्यालय, सतपुड़ा भवन और मंत्रालय में प्रतिनियुक्ति पर हैं। यही स्थिति प्रदेश के अन्य कई सरकारी कालेजों में भी बनी हुई है। प्रदेश के 571 सरकारी कालेजों में सहायक प्राध्यापकों के 7,078 पद रिक्त हैं। सतपुड़ा भवन और वल्लभ भवन में प्रशासनिक कार्यों के लिए चार पद स्वीकृत हैं, जबकि यहां 40 से अधिक प्राध्यापक और सहायक प्राध्यापक प्रतिनियुक्ति या संलग्नीकरण पर काम कर रहे हैं। इनमें कई ऐसे हैं, जो नियुक्ति के शुरुआती दौर से ही कालेजों के बजाय विभागीय कार्यालयों में पदस्थ हैं। करीब 10 से अधिक सहायक प्राध्यापक वर्ष 2019 में नियुक्ति के बाद से विभागीय कामकाज संभाल रहे हैं। इनकी जिम्मेदारी विभागीय नीति-नियमों के क्रियान्वयन, शिक्षकों की सीआर, योजनाओं की निगरानी और कालेजों के निरीक्षण से जुड़ी रिपोर्ट तैयार करने तक सीमित हो गई है।
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से सतत भर्ती प्रक्रिया जारी है। 3,600 पदों को स्वीकृति के लिए वित्त विभाग को भेजा गया है। स्वीकृति प्राप्त होते ही भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी।
– इंदरसिंह परमार, उच्च शिक्षा मंत्री मप्र
खाली पदों को भरा जा रहा है। कुछ प्राध्यापकों को मंत्रालय या सतपुड़ा में प्रतिनियुक्ति दी गई है, ताकि प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हो। शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए अतिथि विद्वानों को रखा गया है।
– अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा
