भोपाल के आदमपुर का कचरे का पहाड़ ठेकों में फंसा

कचरे का पहाड़
  • दो कंपनियां फेल, 4 सप्ताह का अल्टीमेटम

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (एनजीटी) ने भोपाल शहर एवं मध्य प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नियम-2016 एवं 2026 के उल्लंघन, अवैध कचरा डंपिंग और लिगेसी वेस्ट के अनवैज्ञानिक निस्तारण पर सुनवाई की। पीठ ने जिम्मेदारों को कड़ी फटकार भी लगाई। साथ ही चार सप्ताह में एक्शन टेकन रिपोर्ट भी मांगी है। न्यायमूर्ति श्यो कुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने आदेश पारित किया। पर्यावरण मित्र नितिन सक्सेना की याचिका पर सुनवाई करते हुए पीठ ने नगर निगम भोपाल, मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य सरकार को स्पष्ट और कड़े निर्देश जारी किए हैं। अधिकरण ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और तरल अपशिष्ट प्रबंधन के मामलों में उच्चतम न्यायालय के आदेशों के तहत व्यापक निगरानी की जा रही है। पूरे देश में पर्यावरणीय मानकों के व्यापक उल्लंघन से पर्यावरण को अपूरणीय क्षति हो रही है। इसके तहत जिला स्तर पर जागरूक टास्क फोर्स और लीगल सर्विसेज अथॉरिटी के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश
शामिल हैं।
कलियासोत डैम में अवैध डंपिंग
याचिकाकर्ता सक्सेना ने साक्ष्य के साथ उजागर किया कि नगर निगम भोपाल द्वारा शहर के संरक्षित हरित पट्टियों और कलियासोत डैम के कैचमेंट/ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में नियम विरुद्ध कचरा डंप किया जा रहा है और कचरा जलाया जा रहा है। इससे वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ रहा है और पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ रहा है।

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