
- तीन प्रतिष्ठानों की रसोई में मिलीं गंभीर खामियां, चार नमूने जांच के लिए भेजे
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। एमपी नगर के नामी होटल और खाद्य प्रतिष्ठानों की रसोई में उस समय हडक़ंप मच गया, जब खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने अचानक जांच शुरू की। टीम ने खाद्य पदार्थों के रखरखाव से लेकर साफ-सफाई, कर्मचारियों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड, पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था तक की पड़ताल की। जांच में तीनों प्रतिष्ठानों में ऐसी कमियां सामने आईं, जिन्होंने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। ड्रैगन हाउस, भविष्या होटल एंड क्लब प्राइवेट लिमिटेड में टीम को पांच पैकेट मशरूम सड़े-गले मिले। इतना ही नहीं, समाप्त हो चुके मसालों के पैकेटों पर चूहों के कुतरने के साफ निशान भी दिखाई दिए। रसोई में चूहों की मौजूदगी के प्रमाण मिलने पर जब प्रबंधक से पूछताछ की गई तो उसने भी चूहों की समस्या होने की बात स्वीकार की। जांच के दौरान शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को अलग रखने की व्यवस्था नहीं मिली। पांच शीतक यंत्रों में खाद्य सामग्री एक साथ रखी हुई थी। विभाग ने ड्रैगन हाउस का खाद्य पंजीयन आगामी आदेश तक निलंबित कर दिया। टीम ने यहां से किंगफिशर स्ट्रॉन्ग प्रीमियम बीयर और अरोमा पाउडर के दो नमूने भी लिए।
राजहंस में सड़ा मशरूम मिला, 15 कर्मचारियों का स्वास्थ्य रिकॉर्ड गायब
एमपी नगर स्थित राजहंस में भी जांच के दौरान एक पैकेट मशरूम खराब और सड़ा हुआ मिला। परिसर में दो खुले कूड़ेदान रखे थे। सबसे बड़ी कमी यह सामने आई कि यहां काम करने वाले 15 कर्मचारियों के स्वास्थ्य परीक्षण का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था। पेयजल की गुणवत्ता जांच से संबंधित रिपोर्ट भी टीम को नहीं मिली। करीब 250 रुपए प्रति किलो की दर से बिक रहे पनीर की गुणवत्ता पर संदेह होने पर उसका नमूना लिया गया। हालांकि, राजहंस में खाद्य सुरक्षा का अनुज्ञप्ति पत्र प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित मिला और कर्मचारी उचित वेशभूषा में काम करते पाए।
इंडियन कॉफी हाउस में गंदी कड़ाहियों में पक रहा था भोजन
एमपी नगर जोन-1 स्थित इंडियन कॉफी हाउस की जांच में भी कई खामियां सामने आईं। परिसर में खुले कूड़ेदान रखे मिले और साफ-सफाई के इंतजाम संतोषजनक नहीं थे। पैक किए गए पापड़ पर गलत जानकारी अंकित पाई गई। मांसाहारी खाद्य पदार्थों के लिए अलग भंडारण, बर्तन और शीतक यंत्र की व्यवस्था भी नहीं थी। रसोई में दो कडाहियां काली पड़ी मिलीं। नाली के पानी की निकासी व्यवस्था भी दुरुस्त नहीं मिली। टीम ने यहां से खुले तेल का एक नमूना जांच के लिए लिया।
मिलावटखोरी के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई
इसके अलावा एक अन्य प्रतिष्ठान के स्टॉक रूम में लीकेज भी पाया गया. जिससे खाद्य पदार्थों के दूषित होने की संभावना जताई गई. साथ ही कई खाद्य पदार्थ खुले में रखे मिले. टीम को पेस्ट कंट्रोल का रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं कराया गया. इसके साथ ही जांच के दौरान प्रतिष्ठान की ओर से वॉटर पोर्टेबिलिटी रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं कराई गई. वहीं, मिसब्रांडेड पैकिंग वाले खाद्य पदार्थों का भंडारण भी पाया गया. पैक सफेद पाउडर के मिसब्रांडेड पाए जाने पर उसका नमूना लिया गया है.
चार नमूने प्रयोगशाला भेजे गए
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार तीनों प्रतिष्ठानों से कुल चार नमूने लिए गए हैं। इनमें ड्रैगन हाउस से दो, इंडियन कॉफी हाउस से एक और राजहंस से एक नमूना शामिल है। सभी नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
