राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम की तारीख बदली

  • अब 19 सितंबर को होगा आयोजन, कांग्रेस ने मांगा नेहरू स्टेडियम

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इंदौर में प्रस्तावित एक कार्यक्रम को मंजूरी नहीं मिलने को लेकर बीजेपी और कांग्रेस में घमासान छिड़ गया है। दरअसल, इंदौर में होने वाला ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम अब एक हफ्ते के लिए टाल दिया गया है। यह कार्यक्रम पहले 12 सितंबर को आयोजित होना था जिसे अब 19 सितंबर के लिए स्थगित कर दिया गया है। इसको लेकर कांग्रेस और बीजेपी में जुबानी जंग छिड़ गई है। राहुल गांधी का यह कार्यक्रम इसलिए स्थगित किया गया है क्योंकि मध्य प्रदेश सरकार की ओर से कांग्रेस को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में इवेंट करने की इजाजत नहीं मिली है। अब इसको लेकर विपक्ष ने मोहन यादव सरकार पर सीधा हमला बोला है और राज्य में नया सियासी घमासान शुरू हो गया है।
19 सितंबर को होगा कार्यक्रम
बुधवार को राज्य कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने जब राहुल गांधी के इस कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा ली तो उन्होंने यह बताया कि इस प्रोग्राम को टाला जा रहा है। यह प्रोग्राम 12 सितंबर की जगह 19 सितंबर को होगा। इस कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी का लक्ष्य इंदौर और आसपास के इलाकों से लगभग 50,000 स्टूडेंट्स को इकट्ठा करना है।
सीएम मोहन यादव से मांगी गई थी परमिशन
कांग्रेस ने कार्यक्रम को स्थगित करने की वजह स्टेडियम में प्रोग्राम करने की अनुमति नहीं मिलना बताई है। कांग्रेस नेताओं ने प्रोग्राम के लिए बीच में बने स्टेडियम को किराए पर लेने की मांग की थी। उनका कहना था कि ‘छात्रों की गूंज’ कोई आम पॉलिटिकल रैली नहीं थी, बल्कि स्टूडेंट्स के साथ एजुकेशन, नौकरी और उनके भविष्य जैसे मुद्दों पर बातचीत के लिए इवेंट था। पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को चिट्ठी लिखकर परमिशन मांगी थी, जिसमें कहा गया था कि राहुल गांधी का इवेंट कोई पॉलिटिकल इवेंट नहीं है बल्कि देश के भविष्य, युवाओं के सपनों, शिक्षा के अधिकार और एजुकेशन सिस्टम की सुरक्षा के बारे में एक पब्लिक इवेंट है।
प्रोग्राम कैंसिल करने को लेकर कांग्रेस का हमला
स्टेडियम में प्रोग्राम की परमिशन नहीं मिलने को लेकर स्थानीय कांग्रेस नेता चिंटू चौकसे ने कहा है कि इस कार्यक्रम को अनुमति नहीं देने का सवाल ही नहीं उठता क्योंकि यह कोई पॉलिटिकल इवेंट नहीं है। उन्होंने कहा था कि अगर रूलिंग पार्टी ने फिर भी परमिशन देने से मना कर दिया, तो स्टूडेंट और युवाओं के खिलाफ रूलिंग पार्टी इसके लिए जिम्मेदार होगी।

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