कमजोर प्रदर्शन वाले एक दर्जन से ज्यादा जिलाध्यक्ष निशाने पर

बिच्छू डॉट कॉम। प्रदेश भाजपा में संगठन के कामकाज की समीक्षा और फीडबैक के आधार पर एक दर्जन से ज्यादा जिलाध्यक्षों को बदले जाने की तैयारी है। कार्यक्रमों में कमजोर प्रदर्शन, बूथ स्तर तक संगठन की सक्रियता नहीं होने को इसका प्रमुख कारण बताया जा रहा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक 30-31 अगस्त को ओरछा में होने वाली प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के बाद इस संबंध में फैसला हो सकता है। दतिया में पार्टी की हार के बाद जिले की सभी संगठनात्मक इकाइयों को पहले ही भंग कर चुके हैं। दतिया के बाद कई जिलों में बूथ स्तर तक संगठन के कामकाज का आकलन किया है। हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ कांग्रेस कार्यालयों के घेराव के दौरान भी जिलों की सक्रियता को परखा गया। सूत्रों के अनुसार, संभावित बदलाव में भोपाल, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, उमरिया, सिवनी, नरसिंहपुर, सागर ग्रामीण, खंडवा, बालाघाट, खरगोन और सीहोर सहित कुछ अन्य जिलों के जिलाध्यक्षों के नाम चर्चा में हैं।

Related Articles