छह नर्सिंग कॉलेजों में प्रिंसिपल के पद खाली, व्यवस्था पर उठे सवाल

बिच्छू डॉट कॉम। मध्य प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा की व्यवस्थाओं पर मंडरा रहे संकट के बादल अब निजी संस्थानों से आगे बढक़र सीधे सरकारी कॉलेजों तक पहुंच गए हैं। सीहोर जिले के एक नर्सिंग ऑफीसर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि राज्य के सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल जैसे पद कई वर्षों से खाली पड़े हैं। ऐसे में वहां पर होने वाली पढ़ाई का स्तर क्या होगा, यह बड़ा सवाल है। याचिका में आरोप है कि चिकित्सा शिक्षा विभाग और एमपी नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल की कार्यप्रणाली कटघरे में आ गई है। इस याचिका पर हाईकोर्ट में अगले सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है। आष्टा निवासी रवीन्द्र परमार रवि की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाए गए थे कि सत्र 2026-27 की मान्यता के लिए आवेदन करने वाले प्रदेश के 22 सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में से 3 संस्थानों को मान्यता देने से इंकार कर दिया गया है। आरोप है कि 6 सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में प्रिंसिपल और 10 कॉलेजों में वाइस प्रिंसिपल के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई है।

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