
संसद का मानसून सत्र गुरुवार को भारी हंगामे और शोर-शराबे के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। सत्र के अंतिम दिन जहां लोकसभा की कार्यवाही महज 1 मिनट ही चल सकी। वहीं राज्यसभा भी केवल 1 घंटे ही काम कर पाई। समापन के दौरान लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, पूरी कैबिनेट और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मौजूद रहे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम के गायन के साथ सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। दूसरी ओर, राज्यसभा ने अपने अंतिम दिन एमएमडीआर संशोधन विधेयक को मंजूरी दी। संसद की कार्यवाही चलाने पर होने वाले खर्च के अनुमान के मुताबिक, लोकसभा में प्रति मिनट का औसतन खर्च लगभग 2.5 लाख रुपए आता है। इस सत्र में हुए भारी व्यवधान के कारण देश को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। दोनों सदनों का मिलाकर 7,023 मिनट (लगभग 117 घंटे) का समय हंगामे में नष्ट हुआ।
