जिसने तुम्हें चोट पहुंचाई, वह अब कभी जेल से बाहर नहीं आ पाएगा

सात साल की बच्ची का उसके परिचित ने दुष्कर्म किया। बच्ची उसे अंकल कहती थी। दुष्कर्म का मुकदमा दिल्ली की ट्रायल कोर्ट में पहुंचा, तो बच्ची ने कहा-अंकल को तब तक जेल में रखा जाए, जब तक वह बूढ़ा न हो जाए। मामला 2023 का है, 3 साल तक सुनवाई के बाद 20 मई को केस का फैसला आया। ट्रायल कोर्ट ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई। फैसले के साथ जज रजनी रंगा ने अब 10 साल की हो चुकी पीडि़त के लिए एक संदेश भी लिखा। इसमें कहा कि ‘हम तुम्हारा बचपन तो नहीं लौटा सकते, लेकिन जिसने तुम्हें चोट पहुंचाई, वह अब कभी जेल से बाहर नहीं आ पाएगा।’ दोषी जब दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा, तो 22 सितंबर को ऊंची अदालत ने न सिर्फ सजा बरकरार रखी, बल्कि ट्रायल कोर्ट जज के कमेंट को ‘नोट ऑफ करेज’ कहा। साथ ही नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को आदेश दिया कि इसे बच्ची या उसके परिवार तक पहुंचाएं।

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