
दुनियाभर में न केवल नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं की संख्या बढ़ रही है, बल्कि ऐसे युवाओं की आबादी भी चिंताजनक रूप से बढ़ रही है जो पूरी तरह निष्क्रिय हैं। आईएलओ की ताजा रिपोर्ट द ग्लोबल एम्प्लॉयमेंट ट्रेंड्स फॉर यूथ 2026-बैक टू द फ्यूचर के अनुसार, 15 से 24 वर्ष के 32 करोड़ से अधिक युवाओं का भविष्य अधर में है। वैश्विक स्तर पर 15 से 24 साल की उम्र के 6.7 करोड़ युवा बेरोजगार हैं। दुनिया के 20 फीसदी से ज्यादा युवा नीट श्रेणी में आ चुके हैं। यानी ये ऐसे युवा हैं जो न तो काम कर रहे हैं, न नौकरी ढूंढ रहे हैं और न ही कोई पढ़ाई या स्किल ट्रेनिंग ले रहे हैं। युवाओं में बेरोजगारी दर पुरुषों में 12.6 और महिलाओं में 12.1 फीसदी दर्ज की गई है। वहीं 25 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में बेरोजगारी दर घटकर 3.6 प्रतिशत रह गई है, जबकि 15 से 24 वर्ष के युवाओं के लिए बेरोजगार होने का खतरा वयस्कों की तुलना में 3.43 गुना अधिक है। रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि अमीर और विकसित देश भी इस संकट से अछूते नहीं हैं।
