
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक ताजा और चौंकाने वाली रिपोर्ट में भारत की सुरक्षा से जुड़ा बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर 2025 में पुरानी दिल्ली स्थित ऐतिहासिक लाल किले के पास हुए आत्मघाती वाहन विस्फोट के पीछे आतंकी संगठन अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट का हाथ था। संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध समिति की विश्लेषणात्मक सहायता और प्रतिबंध निगरानी टीम की ओर से जारी रिपोर्ट ने दिल्ली में हुए इस जानलेवा हमले की चल रही राष्ट्रीय जांच को एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय और कूटनीतिक मोड़ दे दिया है। रिपोर्ट में चिंता जताई गई है कि एक्यूआईएस के शीर्ष आतंकी और रणनीतिकार अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में बेझिझक रह रहे हैं और फर्जी अफगानी पहचान पत्रों का उपयोग कर अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। संगठन भारत के साथ-साथ बांग्लादेश में भी युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर अपने नेटवर्क को मजबूत करने की फिराक में है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अल-कायदा और आईएसआईएल जैसे समूह केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर मटीरियल हासिल करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
