- पूरी चुनाव प्रक्रिया होगी डिजिटल

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मध्य प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव पूरी तरह डिजिटल होने की दिशा में बढ़ रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी तैयारियां शुरू कर दी हैं और इस बार पंच एवं सरपंच पदों के लिए भी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से मतदान कराने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है, तो प्रदेश के इतिहास में पहली बार पंचायत और नगरीय निकायों के सभी चुनाव पूरी तरह ईवीएम आधारित होंगे।
पहली बार पंच और सरपंच के लिए भी ईवीएम का उपयोग: वर्ष 2022 के पंचायत चुनावों में जिला पंचायत और जनपद पंचायत सदस्य का चुनाव ईवीएम से कराया गया था, जबकि पंच और सरपंच का चुनाव बैलेट पेपर से हुआ था। इस बार आयोग पंच और सरपंच पदों के लिए भी ईवीएम के उपयोग की तैयारी कर रहा है। इससे मतदान के बाद मतगणना और परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज, सरल और पारदर्शी होने की उम्मीद है।
वेबकास्टिंग से बढ़ेगी पारदर्शिता: राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए बड़े स्तर पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था भी करेगा। इससे संवेदनशील मतदान केंद्रों की निगरानी आसान होगी और चुनाव प्रक्रिया पर नजर रखी जा सकेगी। आयोग ने यह भी बताया कि सहयोगात्मक संघवाद की भावना के तहत मध्य प्रदेश की ईवीएम का उपयोग अन्य राज्यों के स्थानीय निकाय चुनावों में भी किया जा रहा है। इनमें त्रिपुरा, सिक्किम, महाराष्ट्र और राजस्थान शामिल हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग ने शुरू की तैयारियां
गुरुवार को राज्य निर्वाचन आयोग मुख्यालय में चुनाव तैयारियों को लेकर पहली समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के 44 जिलों के डिप्टी इलेक्शन ऑफिसर और मास्टर ट्रेनर्स शामिल हुए। इन अधिकारियों को आगामी चुनावों के संचालन, प्रशिक्षण और तकनीकी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
– जून 2027 में निकाय, जुलाई 2027 में पंचायत चुनाव
– राज्य निर्वाचन आयोग के प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार
– जून 2027 में प्रदेश के 413 नगरीय निकायों के चुनाव कराए जाएंगे।
– इसके लिए लगभग 22 हजार मतदान केंद्र बनाए जाएंगे।
– जुलाई 2027 में करीब 23 हजार ग्राम पंचायतों के चुनाव होंगे।
– पंचायत चुनावों के लिए लगभग 72 हजार मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
मतदाताओं का भरोसा बनाए रखने के निर्देश
राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी तकनीकी समस्या का समय पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। नई तकनीक अपनाने के साथ यह भी जरूरी है कि मतदाताओं का चुनाव प्रक्रिया और ईवीएम पर विश्वास मजबूत बना रहे।
